पटना। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास एक अणे मार्ग में डिनर के बाद एकांत में 15 मिनट बात की। नीतीश कुमार मेजबान थे।

उनके अलावा डिनर में भाजपा और जदयू के कुल 12 नेता शामिल हुए। रात्रिभोज में सामूहिक तौर पर सीट शेयरिग नहीं बल्कि चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हुई। अलग कमरे में जब अमित शाह और नीतीश कुमार के बीच बातचीत हो रही थी, तो कोई अन्य नेता वहां मौजूद नहीं था।


डिनर के दौरान चुनाव की तैयारियों पर चर्चा

भोजन के लिए सभी हॉल में साथ बैठे तो अमित शाह की सुबह की बैठक पर चर्चा होती रही। बापू सभागार में उनके संबोधन पर बात छिड़ी। 2019 के चुनाव की तैयारी पर भी बातचीत हुई।

अमित शाह शाम 8.10 बजे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। उनके साथ भाजपा के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय मुख्यमंत्री आवास पहुंचे।


मेजबान सहित केवल 13 लोग शामिल हुए

भाजपा की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के अतिरिक्त बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय, संगठन महामंत्री नागेंद्र जी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, कृषि

मंत्री डॉ प्रेम कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भोज में शामिल हुए। जदयू की ओर से प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव, जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह मौजूद थे।


एनडीए के सीट बंटवारे पर चर्चा छिड़ी ही नहीं

मुख्यमंत्री की डिनर पार्टी को लेकर दो दिन पहले से राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा थी कि सीट शेयरिग पर विमर्श और फैसला होगा।

डिनर में शामिल एक नेता ने बताया कि सीट शेयरिग को लेकर सामूहिक चर्चा नहीं हुई। चुनाव की तैयारी को लेकर चर्चा हुई पर वह भी सीमित दायरे में। नीतीश और शाह की एकांत वाली बातचीत के क्या विषय थे, यह पता नहीं चल पाया।


अधिकांश व्यंजन शाकाहारी, सबसे अंत में पहुंचे शाह

मुख्यमंत्री आवास की डिनर पार्टी नए बने संकल्प भवन के बैंक्वेट हॉल में हुई। ज्यादातर व्यंजन शाकाहारी थे। अमित शाह की गाड़ी मुख्यमंत्री आवास में सबसे आखिर में पहुंची।

सबसे पहले कृषि मंत्री प्रेम कुमार और फिर पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव पहुंचे। अमित शाह के पहले स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय आए। भाजपा के मंत्रियों के पहले जदयू के मंत्री मुख्यमंत्री आवास पहुंच चुके थे।