पठानकोट। 2 जनवरी की अलसुबह खबर आई कि पंजाब के पठानकोट स्थित भारतीय वायुसेना के एयरबेस पर पाकिस्‍तान से आए आतंकवादियों ने हमला कर दिया है।

खबर लगते ही पुलिस, सेना और सुरक्षा एजेसियों ने मोर्चा संभाल लिया। आतंकियों पर हेलिकॉप्‍टर से भी नजर रखी जा रही थी।

एयरबेस के अंदर पहुंच चुके आतंकियों को मारने की जिम्‍मेदारी 12 गरुड कमांडो को मिली। गरुड कमांडो विंग कमांडर गुरसेवक सिंह टीम को लीड कर रहे थे। उनके पीछे कमांडो शैलेश गौर और उनका साथी कटल था।

आतंकियों से आमना-सामना होने पर गुरसेवक को तीन गोलियां उन्हें लग चुकी थीं। उनके गिरते ही शैलेश और कटल ने आतंकियों को अपनी गोलियों का निशाना बनाना शुरू किया।

इस दौरान शैलेश के पेट में करीब आधा दर्जन गोलियां लग चुकी थीं। लेकिन शैलेश ने अपनी पोस्ट नहीं छोड़ी और कटल के साथ मिलकर करीब एक घंटे तक आतंकियों का सामना किया।

आतंकियों को मिटाने का पूरा ऑपरेशन करीब 80 घंटों तक चला और इस ऑपरेशन में सात सेना के लोग मारे गए और 20 घायल हुए जिनमें शैलेश भी शामिल हैं। उन्हें तीन घंटों बाद अस्पताल पहुंचाया गया। अंबाला का रहने वाला 24 वर्षीय शैलेश अब जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है।