बेंगलुरु। रेत माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाने वाले आईएएस अधिकारी डीके रवि की आत्महत्या मामले की गूंज कर्नाटक में विधानसभा से सड़क तक सुनाई दे रही है। कोलार जिले में उग्र प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को सीबीआई जांच की मांग करते हुए बंद के दौरान टायर जलाकर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया।

स्थानीय विधायक वर्तुर प्रकाश के कोलार स्थित आवास पर लोगों ने पथराव भी किया। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया। रवि ने कोलार के उप आयुक्त के तौर पर ही रेत माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया था।

रेत और भूमि माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर चर्चा में आए रवि ने सोमवार को अपने आवास पर कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। प्रदर्शनकारियों में कुछ राजनीतिक दलों के लोग भी शामिल थे। बेंगलुरु में अपनी तैनाती के दौरान रवि ने भूमि माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया था। इसलिए प्रदर्शनकारी इस आत्महत्या की सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं।

आंदोलन बढ़ने की आशंका से डिपार्टमेंट ऑफ प्री-यूनिवर्सिटी एजुकेशन ने 17 मार्च से 28 मार्च तक चलने वाली गणित और भूगोल की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।

एसआईटी गठन की घोषणा

पुलिस ने मामले की जांच के लिए दक्षिण-पूर्वी जिले की डीएसपी रोहिणी कटोच के नेतृत्व में एसआईटी गठित करने की घोषणा की है। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त एमएन रेड्डी ने बताया कि फोरेंसिक जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पहली नजर में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है।

हालांकि, रवि एक निर्भीक अफसर थे, इसलिए स्वाभाविक है कि लोगों को यह विश्वास नहीं हो रहा है कि उन्होंने आत्महत्या करने जैसा कोई कदम उठाया होगा। उन्होंने कहा कि कोई सूसाइड नोट नहीं मिला है और पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

सीबीआई जांच कराने से इंकार

विधानसभा में डीके रवि की आत्महत्या का मामला उठाते हुए विपक्षी दलों ने घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की। लेकिन इसे ठुकराते हुए मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने सीआईडी से जांच कराने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा और जदएस के सदस्यों ने सदन में जोरदार हंगामा किया। विधानसभा में जब इस मसले पर चर्चा चल रही थी, उस वक्त पर्यटन मंत्री आरवी देशपांडे और वन मंत्री रामनाथ राय को झपकी लेते देखा गया।