आरा। श्रीनगर में आतंकियों से लोहा लेने में शहीद हुए सीआरपीएफ की 49 वीं बटालियन के जवान मोहम्मद मोजाहिद खान का पार्थिव शरीर बुधवार की सुबह पीरो नगर (जिला भोजपुर, बिहार) के वार्ड नं.-14 स्थित उनके घर लाया जाएगा। परिजनों के साथ पूरा शहर अपने लाल शहीद मोजाहिद के घर आने का इंतजार कर रहा है।

उधर सरहद की सुरक्षा के लिए जान देने वाले बिहार के लाल पर गर्व करते हुए पीरो का युवा वर्ग मंगलवार को सड़कों पर उतर आया। हाथ में तिरंगा लिए सड़क पर उतरे युवाओं ने जब तक सूरज चांद रहेगा, मोजाहिद तेरा नाम रहेगा, के नारे लगाए। युवकों ने शहर के लोहिया चौक पर कैंडिल जलाकर श्रद्धाजंलि दी। वहीं खैर खां के पुत्र मोजाहिद के घर पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मोजाहिद की शहादत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उनकी शहादत को देश हमेशा याद रखेगा। पूरा बिहार शहीद के परिवार के साथ है।

उधर मोजाहिद का पार्थिव शरीर मंगलवार की रात पटना एयरपोर्ट लाया गया और यहां से कोईलवर स्थित सीआरपीएफ की 47 वीं बटालियन के कैंप में ले जाया गया। वहां सुबह शहीद को सलामी दिए जाने के बाद सीआरपीएफ अधिकारियों की देखरेख में जवान का पार्थिव शरीर पीरो स्थित उनके घर ले जाया जाएगा।

दुबई से लौटे भाई बोले, पाकिस्तान से बदला ले सरकार -

अपने भाई मोजाहिद के शहीद होने की खबर सुन बड़े भाई इम्तेयाज खान और मंझले भाई अकलाक खान दुबई से तत्काल रवाना हो गए थे। वे मंगलवार की सुबह घर पहुंच गए। दोनो के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। इम्तेयाज ने कहा कि छोटे भाई की शहादत पर उन्हें गर्व है, लेकिन जवानों की शहादत कब तक बेकार जाती रहेगी। सरकार को हर उस शहीद की शहादत का बदला लेना चाहिए जो पाकिस्तान की कायराना हरकतों के शिकार हुए हैं।

भतीजी ने रोते हुए दी इंटर की परीक्षा -

मोजाहिद के बड़े भाई इम्तेयाज की बेटी रौशन जहां मंगलवार को अपने चाचा की शहादत का गम लिए रोते हुए इंटर की परीक्षा में शामिल हुई। पीरो के पुष्पा हाई स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र पर उसकी आखें नम थीं। रौशन ने बताया कि चाचा चाहते थे कि पढ़-लिखकर ऊंचा मुकाम हासिल करूं।