नई दिल्ली। असाधारण परिस्थिति में अब पायलट और केबिन क्रू को अपने निर्धारित कार्यों के घंटों के अतिरिक्त भी काम करना पड़ सकता है। नागरिक उड्डयन महानिदेशक (डीजीसीए) के मुताबिक उड़ान में देरी और रनवे बंद होने जैसी वजहों के चलते यात्रियों को होने वाली असुविधा से बचाने के लिए विमानन कंपनियां कर्मचारियों के कार्यों के घंटों में वृद्धि कर सकती हैं। 26 जून को जारी एक सर्कुलर में इसका उल्लेख किया गया है और यह सभी तरह की उड़ानों पर लागू होगा।

मालूम हो कि यह निर्णय दिल्ली हाई कोर्ट के 22 मई के उस आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि डीजीसीए चाहे तो पायलट को उनके निर्धारित काम के घंटों में छूट दे सकता है। हालांकि चिकित्सकीय परिस्थितियों, मौसम खराब होने के समय, रनवे बंद होने और एयर ट्रैफिक कंट्रोल द्वारा उड़ान में देरी पर पायलटों को मिलने वाली यह सुविधा खत्म भी हो सकती है।