कुंभ नगर। कुंभ के प्रमुख स्नान पर्वों पर किला स्थित मूल अक्षयवट के दर्शन नहीं हो सकेंगे। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआइटी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कुंभ मेला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। उधर, अक्षयवट दर्शन के लिए एसपी फोर्ट की तरह ही अलग से एक एसडीएम की भी शुक्रवार को तैनाती कर दी गई।

कानपुर नगर से आए प्रेमचंद्र को एसडीएम अक्षयवट बनाया गया है। कुंभ में छह प्रमुख स्नान पर्व होंगे। 15 जनवरी को मकर संक्राति (शाही स्नान), 21 जनवरी को पौष पूर्णिंमा, चार फरवरी को मौनी अमावस्या (शाही स्नान), 10 फरवरी को बसंत पंचमी (शाही स्नान), 19 फरवरी को माघी पूर्णिंमा तथा चार मार्च को महाशिवरात्रि है।

एडीएम कुंभ दिलीप कुमार त्रिगुनायत का कहना है कि इन पर्वों पर भारी भीड़ उमड़ने का अनुमान है, इसलिए पर्वों पर अक्षयवट का दर्शन नहीं हो सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्राचीन किले की प्राचीर के पास ही नया रास्ता बनाया गया है, जहां ज्यादा भीड़ को लेकर एमएनएनआइटी की रिपोर्ट ने चेताया है।