वृंदावन। आस्था की नगरी वृंदावन में शुक्रवार को नास्तिक सम्मेलन ने हंगामा करा दिया। हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर विरोध को निकले लोगों ने आयोजन स्थल पर पथराव कर दिया। सम्मेलन में शामिल होने आए लोगों को खदेड़ा, उनके वाहनों पर हमले की कोशिश हुई।

कुछ लोग आयोजन स्थल की दीवार पर चढ़ गए। इस दौरान पुलिस से खींचतान भी हुई। बार-बार बिगड़ते हालात को काबू करने में पुलिस का पसीना छूट गया। आखिरकार आयोजकों की ओर से लिखित में माफी मांगी गई तब मामला शांत हुआ।

जानकारी के मुताबिक, परिक्रमा मार्ग स्थित बिंदू सेवा संस्थान के संचालक स्वामी बालेंदु ने दो दिवसीय नास्तिक सम्मेलन का आयोजन किया था। गुरुवार को इसकी जानकारी पर विरोध शुरू हो गया। संत समाज और मुस्लिमों ने प्रशासन को अल्टीमेटम भी दे दिया।

सुबह लगभग दस बजे दिल्ली, पंजाब, गुजरात और नासिक के प्रतिनिधियों का सम्मेलन में आना शुरू हो गया। इसकी भनक लगते ही संत समाज में आक्रोश भड़क गया। सुबह लगभग 11 बजे सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी मोहनानंद लाल बाबा और रालोद नेता ताराचंद गोस्वामी के नेतृत्व में सैकड़ों की भीड़ हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर आयोजन स्थल पर जा पहुंची। वहां हंगामा शुरू कर दिया।

मौके पर फोर्स के साथ मौजूद सीओ सदर आलोक दुबे और सिटी मजिस्ट्रेट रामअरज ने रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ नहीं रुकी। इसके बाद नास्तिक सम्मेलन के आयोजक बालेंदु गोस्वामी का पुतला फूंकते हुए सड़क पर धरना शुरू कर दिया।

इसके बाद भीड़ बढ़नी शुरू हो गई और संतों के प्रदर्शन में शामिल होते ही हालात बेकाबू होने लगे। इसी बीच युवकों ने आयोजक के रेस्टोरेंट का बोर्ड पत्थर मारकर तोड़ डाला। इसी बीच दिल्ली से टेंपो ट्रैवलर से पहुंचे प्रतिनिधियों को भीड़ ने रोका। गाड़ी पर हमले की कोशिश ने पुलिस के हाथ-पैर फुला दिए।