पुरी। ओडिशा की पुरी सीट पर तीन प्रवक्ताओं के बीच मुकाबला था और कांटे की टक्कर के बाद BJP प्रत्याशी संबित पात्रा 11,714 वोट से हार गए। मौजूदा सांसद बीजू जनता दल के प्रत्याशी पिनाकी मिश्र को 5,38,321 वोट मिले, जबकि पात्रा के खाते में 5,26,607 वोट पड़े। दोनों के वोट प्रतिशत में केवल 1 फीसदी का फर्क रहा।

इनके अलावा कांग्रेस के सत्यप्रकाश नायक भी चुनावी मैदान में थे। दिलचस्प बात यह है कि ये तीनों उम्मीदवार अपनी-अपनी पार्टी के प्रवक्ता हैं।

अब तक हुए कुल 16 लोकसभा चुनावों में बीजेडी 5 बार, कांग्रेस 6 बार, जनता दल 2 बार, जनता पार्टी 1 बार, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी 1 बार और सीपीआई ने एक बार इस सीट से जीत दर्ज की है।

बता दें कि पुरी हिंदू धर्म के पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। अब तक का इतिहास रहा है कि इस सीट पर बीजू जनता दल का कब्जा रहा है। पिछले ढाई दशकों से बीजेडी पार्टी के उम्मीदवार लोकसभा में पहुंचते रहे हैं। बीजेडी साल 1998 से लगातार पुरी की सीट पर कब्जा जमाती रही है।

1998 से 2004 तक लगातार ब्रज किशोर त्रिपाठी यहां से बीजेडी के टिकट पर जीतकर लोकसभा में पहुंचते रहे हैं, जबकि 2009 से पिनाकी मिश्र सांसद हैं। साल 2014 के चुनाव में तो बीजेडी को अकेले 50 फीसद वोट मिले थे। भाजपा कभी भी इस सीट से लोकसभा चुनाव नहीं जीत सकी है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा पेशे से डॉक्टर हैं और उनको टीवी डिबेट में विपक्षियों की सर्जरी में महारथ हासिल है। संबित पात्रा ने प्रचार के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी।

वे प्रचार के लिए निकलने से पहले धोती कुर्ते के साथ ओड़िया गमछा धारण करते थे और सिर पर चंदन का टीका लगाते थे। कई बार वह सामुदायिक तालाब में डुबकी लगाते दिखे और ग्रामीणों के घरों पर नाश्ता करते भी नजर आए। संबित भगवान जगन्नाथ की मूर्ति हाथ में लेकर नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे।

आोडिशा में लोकसभा की 21 सीटें है। साल 2014 की मोदी लहर में भाजपा यहां केवल एक सीट जीत पाई थी, जबकि बीजेडी 20 सीटें मिली थी।