नई दिल्ली। राफेल सौदे पर कांग्रेस के आरोपों का तथ्यपूर्ण जवाब देते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की 'नॉन-डील' की तुलना में राजग सरकार की राफेल डील को बेहतर करार दिया है। उनका कहना है कि छह बिंदुओं पर मोदी सरकार की राफेल डील यूपीए की तुलना में बेहतर है। लोकसभा में राफेल पर चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि संप्रग सरकार 10 साल में भी राफेल सौदा नहीं कर सकी। मोदी सरकार ने मात्र 14 महीने में यह सौदा कर दिया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि इसीलिए राजग की डील बेहतर है क्योंकि संप्रग सरकार मीडियम मल्टी रोल कांबैट एयरक्राफ्ट सौदे के जरिये बेसिक राफेल विमान 737 करोड़ रुपये में खरीदना चाहती थी। मोदी सरकार ने नौ फीसद कम कीमत पर फ्रांस सरकार के साथ इंटर-गवर्नमेंटल एग्रीमेंट में राफेल 670 करोड़ रुपये में खरीदा।

संप्रग सरकार मात्र 18 उड़ने के लिए तैयार विमान खरीदना चाहती थी, राजग सरकार ने 36 उड़ान भरने के लिए तैयार विमान खरीदने का सौदा किया है। रक्षामंत्री ने ये भी कहा कि यूपीए के समय जितने दिनों में सभी विमानों की डिलीवरी होनी थी, राजग के सौदे में इससे पांच महीने कम समय में डिलीवरी मिलेगी। संप्रग सरकार के समय परफॉरमेंस बेस्ड लॉजिस्टक (पीबीएल) सपोर्ट मात्र 18 विमानों के लिए पांच साल के लिए था -राजग सरकार की डील में यह 36 राफेल विमानों के लिए पांच साल के लिए होगा।

संप्रग की नॉन-डील में फ्रांस ने इंडस्ट्रियल सपोर्ट के लिए 40 साल की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी -राजग की डील में यह 50 साल के लिए है -संप्रग की नॉन-डील में प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तीन विमानों के संबंध में अतिरिक्त गारंटी कवर नहीं था -राजग के सौदे में यह अतिरिक्त गारंटी कवर है -------