नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पासपोर्ट में बदलाव के फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। दरअसल, अब पासपोर्ट धारक के पते के प्रमाण के तौर पर नहीं रखा जा सकता है। जिसको लेकर राहुल गांधी ने भाजपा की अगुवाई वाली सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि ये फैसला सरकार की भेदभावपूर्ण मानसिकता दर्शाता है।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'इस फैसले से यह जाहिर होता है कि सरकार भारतीय प्रवासियों के साथ दूसरे दर्जे के नागरिक जैसा रवैया अपना रही है। भारतीय प्रवासियों को दूसरा दर्जा देना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई भाजपा की भेदभावपूर्ण मानसिकता को दर्शाती है।'

आपको बता दें कि विदेश मंत्रालय द्वारा पासपोर्ट का स्वरूप बदलने का फैसला लिया गया है। जिसके तहत अब पासपोर्ट के आखिरी पन्ना खाली रहेगा, जिसका मतलब यह है कि अब यात्रा संबंधित दस्तावेज पते के मान्य प्रमाण के रूप में काम नहीं सक सकेंगे यानी पासपोर्ट को अब एड्रेस प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

बता दें कि पासपोर्ट के आखिरी पन्ने में धारक के पिता और अभिभावक का नाम, माता का नाम, पत्नी का नाम और पता छपा होता है। जो पासपोर्ट के नए स्वरूप के मुताबिक अब खाली रहेगा।

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'जैसा कि पासपोर्ट का आखिरी पन्ना अब खाली रहेगा, ईसीआर (इमिग्रेशन चेक रिक्‍वायर्ड) स्‍टेटस वाले पासपोर्ट धारकों को नारंगी रंग पासपोर्ट जैकेट के साथ पासपोर्ट जारी किया जाएगा और नॉन-ईसीआर स्टेटस वाले लोगों को नीले रंग के पासपोर्ट जारी किए जाएंगे।'

मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों के तीन सदस्यीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया और यह निर्णय लिया गया कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत जारी किए गए पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेजों के अंतिम पृष्ठ और पासपोर्ट नियम 1980 अब प्रिंट नहीं होंगे। गौरतलब है कि अभी तक पासपोर्ट नेवी ब्लू, मैरून और सफेद रंग में जारी होता है।