नई दिल्‍ली। योग के जरिये देश-विदेश में करोड़ों लोगों को आंतरिक शांति दिलाने वाले योगगुरु बाबा रामदेव ने एमएमसीजी बाजार में भी अच्‍छी खासी पकड़ बना रखी है। साबुन से लेकर शैंपू तक और आटे से लेकर सरसों के तेल तक सबकुछ बनाकर बेच रहे हैं।

बाबा रामदेव के यहां बने ये उत्‍पाद तेजी से बाजार में छाते जा रहे हैं। वित्‍तीय वर्ष 2014 में पतांजलि आयुर्वेद (उत्‍पाद बनाने वाली कंपनी) का सालाना टर्न ओवर करीब 1200 करोड़ रुपए था, जो कि वर्ष 2013 के सालाना टर्न ओवर 850 करोड़ रुपए और साल 2012 के टर्न ओवर 450 करोड़ रुपए से अधिक था। पिटी ग्रुप के सीईओ आदित्‍य पिटी के अनुसार, कंपनी का सालाना टर्न ओवर इस वित्तीय वर्ष में दो हजार करोड़ रुपए पहुंचने वाला है। पिछले वित्‍तीय वर्ष की तुलना में यह 67 फीसद अधिक है।

पिटी मुंबई में पतांजलि के उत्‍पादों का वितरक है और देशभर में मॉर्डन ट्रेड सेगमेंट का वितरक है। वर्तमान में पतंजलि पर्सनल केयर से लेकर फूड प्रोडक्‍ट (साबुन, शैंपू, डेंटल केयर, बाम, स्किन केयर, तेल, क्रीम, बिस्किट, घी, जूस, शहद, आटा, मसाला, शक्‍कर आदि) तक हर श्रेणी के उत्‍पाद बना रही है। यह इस वर्ष के अनुमानिक सालाना टर्न ओवर के मामले में प्रतिद्वंद्वी कंपनी इमामी (1700 करोड़ रुपए) को पीछे छोड़ सकती है और मारिको (4000 करोड़ रुपए) को टक्‍कर देने जा रही है।

यह स्थिति तब है, जब उसके उत्‍पादों के दाम प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से कम हैं। इसका एक कारण यह भी है कि पतंजलि अपने विज्ञापन पर काफी कम खर्च करती है, जबकि प्रमुख एमएमसीजी कंपनियां अपनी सेल्‍स का 20 से 30 फीसद विज्ञापन पर खर्च करती हैं।

जनरल ट्रेड के बाद रामदेव ने मार्डन ट्रेड सेगमेंट के लिए उत्‍पाद बनाने शुरू कर दिए। पिटी ने बताया कि बाबा रामदेव ने रिलायंस रिटेल के साथ एक अनोखा समझौता किया। उन्‍होंने मुंबई के पांच रिलायंस रिटेल स्‍टोर में रामदेव के उत्‍पाद रखने शुरू किए और धीरे-धीरे ये बढ़कर 45 स्‍टोर में पहुंच गए। वर्तमान में पतंजलि के उत्‍पाद देश के 400 स्‍टोर में बिक रहे हैं और इसकी संख्‍या वर्ष 2015 तक बढ़ाकर 1,000 करने की है।

इसके अलावा मुंबई के कुछ चुनिंदा बिग बाजार, हाईपर सिटी और स्‍टार बाजार स्‍टोर में भी पतंजलि के उत्‍पाद बिक रहे हैं। पिटी ने बताया कि अगला कदम ऑनलाइन का है। हम अमाजॉन से बात कर रहे हैं, जिसने हाल ही में फूड और ग्रॉसरी कैटेगरी शुरू की है।