मुजफ्फरपुर। बिहार में एईएस यानी एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से मरने वाले बच्चों की तादात बढ़कर 58 हो गई है। इस बीमारी से पीड़ित सात और बच्चों ने दम तोड़ दिया। मरने वालों में मुजफ्फरपुर के चार, बेगूसराय का एक और मीनापुर के दो मरीज शामिल हैं। इनमें से दो की मंगलवार देर रात और पांच की बुधवार को मौत हुई। इसके साथ ही 20 नए मरीज भी मिले हैं। इनमें 16 को मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच (श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) और चार को केजरीवाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मौसम में अब तक 58 बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि 148 से ज्यादा मरीज भर्ती हुए हैं। मंगलवार को मुजफ्फरपुर में पांच बच्चों की मौत हो गई थी। 24 नए मरीज इलाज के लिए लाए गए थे।

सोमवार को स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही था जब एक दिन में 23 बच्चों की मौत हो गई थी और 40 बच्चों को भर्ती कराया गया था। बुधवार देर शाम स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए एसकेएमसीएच पहुंची।

मौसम से मिली राहत

पिछले दो दिनों से तापमान में आई गिरावट के कारण मासूमों को राहत मिली है। मंगलवार को मौसम सुहाना रहा। बुधवार शाम को हुई बारिश से बीमारी में कमी आने की उम्मीद डॉक्टर जता रहे हैं।

मेडिकल टीम ने लिया जायजा

बुधवार देर शाम तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम जांच के लिए एसकेएमसीएच पहुंची। इसमें दिल्ली के डॉ. अरुण कुमार, डॉ. गोयल और पटना के डॉ. लोकेश शामिल हैं। चिकित्सकों ने पीआइसीयू में भर्ती एईएस से पीड़ित बच्चों की जांच की। उनके परिजनों से बीमारी के संबंध में जानकारी ली। साथ ही, अस्पताल के चिकित्सकों से भी किए जा रहे इलाज से संबंधित जानकारी ली।

बुधवार को एईएस से पीड़ित चार बच्चों की मौत हो गई, जबकि 18 को भर्ती कराया गया है। तापमान में आई गिरावट व बारिश से बीमारी में कमी आने की संभावना है। -डॉ. एसके शाही, अधीक्षक, एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर।