नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद जारी हिंसा और लोगों की मौत पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। राज्य सरकार को बेहद तल्ख शब्दों में एडवाइजरी जारी करते हुए गृह मंत्रालय ने तत्काल प्रभावी कदम उठाने को कहा है। हालांकि, इस एडवायजरी को लेकर ममता सरकार ने केंद्र से कहा है कि राज्य में हालात काबू में हैं। वहीं भाजपा ने इसके विरोध में काला दिवस मनाते हुए 12 घंटे के बंद का ऐलान किया है।

वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी सोमवार को दिल्ली पहुंचे और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। हालांकि, राज्यपाल ने इस मुलाकात को औपचारिक करार दिया साथ ही कहा कि उन्होंने राज्य के हालात की जानकारी गृहमंत्री को दी है।

दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हावड़ा में एक बैठक बुलाई जिसमें राज्य के हालातों पर चर्चा हुई है।

इससे पहले केंद्र सरकार की एडवायजरी का जवाब देते हुए राज्य के चीफ सेक्रेटरी मलय कुमार ने पत्र लिखकर गृह मंत्रालय से कहा है कि राज्य में चुनाव के बाद असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसा की गई जिसे रोकने के लिए अधिकारियों ने तुरंत और जरूरी कदम उठाए। राज्य में स्थिति काबू में है और इस तरह की घटनाओं के आधार पर राज्य में कानून व्यवस्था को असफल नहीं माना जा सकता। 24 परगना और नजात पुलिस स्टेशन में जो हिंसक घटनाएं हुई थीं उन मामले में केस दर्ज हो चुके हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।

एडवाइजरी असंवैधानिक

पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री एवं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने एडवाइजरी को "असंवैधानिक" करार देते हुए इसे बंगाल की जनता का अपमान बताया है। पार्थ ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है क्योंकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ही केंद्रीय गृह मंत्री भी हैं। पार्थ ने सवाल किया कि उत्तर प्रदेश व गुजरात में जब हत्याएं और दुष्कर्म की घटनाएं हो रही थीं, तब उन्हें एडवाइजरी क्यों नहीं भेजी गई? उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल जैसी शांति कहीं नहीं है।

थम नहीं रही हिंसा, एजवायजरी की जारी

पश्चिम बंगाल में हिंसा की खबरें लंबे समय से आ रही हैं, लेकिन चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाओं में खतरनाक ढंग से बढ़ोतरी हो गई थी। राज्य में चुनाव संपन्न कराने में चुनाव आयोग की मशीनरी और सुरक्षाबलों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। अब चुनाव संपन्न होने के बाद भी यहां हिंसा का दौर थमा नहीं है।

लगातार हो रही हिंसा राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने का इशारा कर रही है। यही कारण है कि अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद जारी पहली एडवाइजरी में राज्य सरकार को कड़े शब्दों में जरूरी कदम उठाने को गया है।

शाह ने हिंसा की घटनाओं पर राज्य सरकार से रिपोर्ट भी तलब की है। यहां के हालात और हिंसा को लेकर केंद्र सरकार की चिंता एडवाइजरी में इस्तेमाल कड़े शब्दों से जाहिर हो रही है। राज्य सरकार को स्पष्ट कहा गया है कि अगर कानून व्यवस्था का पालन कराने वाले अधिकारी हिंसा की घटनाओं में संलिप्त पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

एडवाइजरी में गृह मंत्रालय ने लिखा है कि पिछले कुछ हफ्तों से जारी हिंसा से प्रतीत होता है कि राज्य सरकार की प्रवर्तन मशीनरी कानून व व्यवस्था बनाए रखने तथा लोगों में भरोसा कायम करने में विफल साबित हो रही है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि आम चुनाव समाप्त होने के बाद भी हिंसा जारी रहने पर केंद्र सरकार ने गहरी चिंता प्रकट की। राज्य सरकार को कड़े शब्दों में कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा शांति एवं सौहार्द का वातावरण स्थापित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की हिदायत दी गई है।

नहीं थम रही हिंसा

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव बाद भी राज्य में राजनीतिक हिंसा का दौर थम नहीं रहा है। शनिवार को उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली विधानसभा क्षेत्र में दो पक्षों में हिसक झड़प हुई। विवाद की शुरुआत भाजपा का झंडा हटाने को लेकर हुई थी। भाजपा नेता मुकुल रॉय का कहना है कि इस हिसक झड़प में सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सदस्यों ने भाजपा के चार कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या कर दी। टीएमसी ने भी हिंसा में अपने एक सदस्य के मारे जाने का आरोप लगाया है।

दो और भाजपा कार्यकर्ता की हत्या

भाजपा ने कूचबिहार में भी अपने दो कार्यकर्ताओं की हत्या का आरोप लगाया है। भाजपा की कूचबिहार जिलाध्यक्ष मालती रावा ने कहा कि संदेशखाली इलाके में मारे गए पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध में आयोजित सभा में शामिल होकर दोनों लौट रहे थे, तभी सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि धारधार हथियारों से हमले में भाजपा के कई कार्यकर्ता घायल भी हुए हैं। तृणमूल कांग्र्रेस ने इस आरोप को गलत और आधारहीन बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, हाल में राज्य में ऐसी और भी घटनाएं सामने आई हैं।