नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के फैसले और संसद में हुई चर्चा के बावजूद राफेल मुद्दे को जिंदा रखने में जुटे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की कोशिश को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने हताशा करार दिया है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि संसद में तो वह सारी मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए आंख मारने तक सीमित रह गए और 48 घंटे बाद जागे तो फिर झूठ परोसना शुरू कर दिया।

प्रधानमंत्री की योग्यता पर सवाल उठाते उनके ट्वीट को हास्यास्पद बताते हुए ईरानी ने कहा कि जिसने सबकुछ परिवार के नाम पर ही हासिल किया वह योग्यता का सर्टिफिकेट बांटे यह ठीक नहीं। पत्रकारों से बातचीत में स्मृति ने राबर्ट वाड्रा के खिलाफ ईडी के आरोपों को पेश किया।

स्मृति ने कहा कि ईडी ने कोर्ट के सामने 'कांग्रेस के राष्ट्रीय दामाद' राबर्ट वाड्रा के निजी सहायक मनोज अरोड़ा के खिलाफ गैर जमानती वारंट प्राप्त करने की याचिका दायर की है। यह याचिका इसलिए दी गई है क्योंकि वह तीन समन के बावजूद ईडी के सामने पेश नहीं हो रहे हैं।

स्मृति ने आरोप लगाया कि रक्षा सौदों के दलाल संजय भंडारी राबर्ट के दोस्त हैं और कालेधन के जरिए ही राबर्ट ने लंदन में घर खरीदा, उसकी मरम्मत भी कराई और पैसे अरोड़ा के जरिए आए। स्मृित ने कहा कि ईडी को इसके डिजिटल साक्ष्य मिल चुके हैं। ऐसे मे राहुल को अपने जीजा राबर्ट से कहना चाहिए कि वह अपने सहायक को ईडी के सामने पेश करें।

सवाल जवाब के दौरान भी स्मृति राहुल गांधी पर तंज कसने से नहीं चूकीं। उन्होंने कहा कि चुनाव में तो मैं अमेठी से हारी लेकिन वहां की जनता मुझसे अपेक्षा रखती है जो यह साबित करता है कि राहुल गांधी का 15 साल का कार्यकाल खोखला रहा।

गौरतलब है कि दो दिन पहले संसद में राहुल गांधी ने कहा था कि उनके पास फिलहाल राफेल में भ्रष्टाचार के सबूत नहीं हैं लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री की भूमिका पर संदेह है। उनका इरादा साफ है कि वह इसे चुनावी मुद्दा बनाकर रखना चाहते हैं। यही कारण है कि किसी न किसी प्रकार उनके ट्वीट राफेल से जुड़े होते हैं। ऐसे में भाजपा तथ्यों के साथ उनके और उनके परिवार के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार को जोर शोर से उठाने मे जुट गई है। इसी क्रम में रविवार को भाजपा ने स्मृति को उतारा जो संसदीय क्षेत्र अमेठी में भी राहुल को कड़ी टक्कर दे चुकी हैं।

केरल में भाजपा के खिलाफ हिंसा की निंदा

केरल में भाजपा नेता व सांसद के घर पर हुए हमले की निंदा करते हुए स्मृति ने आगाह किया है कि संवैधानिक दायरे में रहते हुए इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केरल में कानून व्यवस्था इतनी ध्वस्त हो चुकी है कि जनता पर लगभग 1296 केस दर्ज किए गए हैं, 33 हजार लोग आरोपी बनाए गए हैं तथा तीन हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।

वहां की जनता प्रदेश सरकार से आक्रोशित है और आवाज उठा रही है तो राज्य सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। गौरतलब है कि केरल में अरसे तक राजनीतिक हिंसा का दौर रहा है। भाजपा ने वहां इसके खिलाफ यात्राएं भी निकाली थीं।