कोलकाता। उत्तर बंगाल में रेल पटरियों से हाथियों को दूर रखने और हादसों को टालने के लिए रेलवे ने नायाब तरीका अपनाया है। उत्तर पूर्वी सीमांत रेलवे (एनएफआर) पटरियों पर ट्रेनों से टकरा कर हाथियों के मारे जाने की घटनाओं को रोकने के लिए अब ऐसे उपकरण लगाने की कवायद में जुटा है जिससे मधुमक्खियों के भिनभिनाने की आवाज निकलती है। इससे हाथी इन जगहों से दूर रहेंगे।

एनएफआर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि असम के रंगिया मंडल में सफलता के बाद एनएफआर ने पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार संभाग में यह तरीका अपनाने का फैसला किया है। स्थानीय लोगों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि मधुमक्खियों के भिनभिनाने की आवाज से हाथी दूर रहते हैं। उन्होंने बताया कि मधुमक्खियों से निकलने वाली आवाज इंटरनेट से डाउनलोड की जाती है और इसे एंप्लीफायर पर बजाया जाता है, जिससे हाथी लगभग 600 मीटर दूर ही रहते हैं। अधिकारी के मुताबिक ये उपकरण रेलवे क्रॉसिंग और पटरियों से लगे महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाए जा रहे हैं।