दुबई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दुबई में हैं और वहां से उन्होंने उत्तर प्रदेस में सपा और बसपा के बीच हुए चुनावी गठबंधन पर प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश यादव और मायवती ने सीटों का बंटवारा करते समय कांग्रेस को किनारे कर दिया और उसके लिए महज दो सीटें छोड़ीं। इस पर राहुल का कहना है कि यूपी में कांग्रेस खुद को फिर से खड़ा करेगी और अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। अखिलेश और मायावतीजी ने गठबंधन का फैसला किया है। यह उनका अधिकार है।

राहुल ने यह भी कहा कि गठबंंधन का ऐलान करते समय कांग्रेस को लेकर कुछ गलत बातें भी कही गई, लेकिन उन्हें स्वीकार करते हैं। प्यार से राजनीति करना हमारा तरीका है।

मालूम हो, बसपा प्रमुख मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हमने आने वाले लोकसभा चुनाव में एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इस गठबंधन के बाद सपा और बसपा दोनों ही 80 में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। वहीं रायबरेली और अमेठी की दो सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी गईं हैं।

गठबंधन का ऐलान करते समय कांग्रेस पर कही थी ऐसी बातें

शनिवार को गठबंधन का ऐलान करते समय मायावती ने कहा, उपचुनावों में भाजपा को हराकर हमने रोकने की शुरुआत कर दी थी। इस चुनाव में तो कांग्रेस के उम्मीदवार की तो जमानत ज़ब्त हो गई थी। इसके बाद चर्चा शुरू हुई कि सपा बसपा साथ आ जाएं तो भाजपा को सत्ता में आने से रोका जा सकता है।

उन्होंने यहा भी कहा कि कांग्रेस के राज में घोषित इमरजेंसी थी और अब अघोषित। सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग कर प्रभावी विरोधियों के खिलाफ गड़े मुकदमे उखाड़ कर परेशान कर रहे हैं। कांग्रेस के साथ सपा बसपा गठबंधन का कोई खास फायदा नहीं होता। हमारे वोट तो ट्रासंफर हो जाता है लेकिन कांग्रेस का वोट ट्रान्सफ़र नहीं होता या अंदरूनी रणनीति के तहत कहीं और करा दिया जाता है। इसमें हमारी जैसी ईमानदार पार्टी का वोट घट जाता है।