नई दिल्ली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रसातल में पहुंचे रुपये को मजबूती देने के लिए सरकार अब उपाय करने में जुट गयी है। वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने बुधवार को कहा कि रुपये में गिरावट को अतार्किक स्तर तक पहुंचने से रोकने के लिए सरकार और रिजर्व बैंक हर संभव उपाय करेंगे।

सरकार के बयान के बाद रुपया 51 पैसे मजबूत हो गया। गर्ग ने ट्विटर पर यह टिप्पणी उस वक्त की जब बुधवार सुबह विदेशी मुद्रा विनियम बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 72.91 के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। रुपये में यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव बढ़ने के मद्देनजर आयी है।

गर्ग ने कहा, 'रुपया अतार्किक स्तर तक न गिरे, यह सरकार और रिजर्व बैंक मिलकर सुनिश्चित करेंगे। बुधवार को जो सुधार हुआ है, वह इस बात को साबित भी करता है।' उन्होंने कहा कि मंगलवार तक रुपये के मूल्य में जो गिरावट आयी है, उसके पीछे कोई तार्किक आधार नहीं है।

यह बाजार की अतिरेक प्रतिक्रिया को दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 72.69 के स्तर पर बंद हुआ था। बुधवार को मुद्रा बाजार में रुपया गिरावट के साथ ही खुला और न्यूनतम स्तर 72.91 तक गिर गया। हालांकि बाद में 51 पैसे सुधरकर 72.19 पर बंद हुआ।

इस तरह दिन भर के कारोबार के दौरान इसमें सुधार दिखा। रुपये के मूल्य में यह सुधार रिजर्व बैंक द्वारा बाजार में हस्तक्षेप की संभावना के चलते आया। गौरतलब है कि सरकार रुपये को थामने के लिए एनआरआइ डिपॉजिट स्कीम लाने सहित कई विकल्पों पर विचार कर रही है।

हालांकि अभी इस संबंध में कोई घोषणा नहीं हुई है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सप्ताह के अंत में जब अर्थव्यवस्था की स्थिति का जायजा लेंगे तो उसके बाद इस दिशा में सरकार की ओर से कोई घोषणा हो सकती है।