नई दिल्ली। चेन्नई और दिल्ली में मेट्रो ब्लड बैंक स्थापित करने की धीमी प्रगति पर एक संसदीय समिति ने स्वास्थ्य मंत्रालय की खिंचाई की है।

समिति ने जल्द से जल्द ऐसी सभी बाधाएं दूर करने के लिए कहा है ताकि योजना के लिए आवंटित धनराशि को खर्च करने में किसी तरह की रुकावट पैदा न हो।

डॉ. रामगोपाल यादव की अध्यक्षता वाली समिति के मुताबिक, मंत्रालय ने 2015-16 के संशोधित अनुमान में 404 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था।

इसी तरह 2016-17 में भी संशोधित अनुमान 404 करोड़ रुपये का ही था, लेकिन कोई भी धनराशि खर्च नहीं की गई। लिहाजा दोनों ही वर्ष योजना का पूरा बजट वापस कर दिया गया।

समिति ने कहा, "बजट का वापस किया जाना इस बात का संकेत है कि योजना के कार्यान्वयन में विभाग ने समन्वयक की अपनी भूमिका नहीं निभाई। इसका सीधा असर राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के सुधार पर पड़ा है।"