शामली। मेल कर रेलवे स्टेशनों को उड़ाने की धमकी देने वाले दो संदिग्ध आतंकियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के मोबाइल से सनसनीखेज जानकारी मिली हैं। दोनों सगे भाई हैं और मेरठ के नगलाताशी गांव के रहनेवाले हैं। इस मामले में आरोपियों से आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने भी पूछताछ की है। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया और अब इन्हें रिमांड पर लेकर गहनता से पूछताछ की जाएगी। साथ ही मोबाइन से मिले डाटा की फोरेंसिक जांच होगी।


पूछताछ और मोबाइल डाटा से कुछ और लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जो गाजियाबाद और मेरठ के निवासी बताए जा रहे हैं। 14 मई को पुलिस अधीक्षक शामली की अधिकारिक ई-मेल आइडी पर गुलजार राजा नाम की जीमेल आईडी से शामली के अलावा लखनऊ, गाजियाबाद, दिल्ली के निजामुद्दीन समेत सात रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी का मेल भेजा गया था। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने शामली कोतवाली में इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया और उसके बाद साइबर सेल और क्राइम ब्रांच स्वाट टीम जांच में जुट गई।

साइबर सेल ने ई-मेल आइडी के बारे में जानकारी जुटाई, जिसमें पता चला कि कंकरखेड़ा (मेरठ) थाना क्षेत्र के गांव नगलाताशी निवासी गुलजार पुत्र इस्लामुद्दीन की आईडी से मेल की गई थी और मोबाइल में प्रयुक्त होने वाला सिम इसके सगे भाई शहजाद की आईडी पर है। गुरुवार को पुलिस लाइन में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच स्वाट टीम इनकी तलाश कर रही थी और इन दोनों को बुधवार को शामली बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधीक्षक का दावा है कि ये दोनों शामली में रेलवे स्टेशन की रेकी करने आए थे। हालांकि, दोनों बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं। सूचना मिलने पर एटीएस की टीम शामली पहुंची और संदिग्धों से पूछताछ की। पुलिस अधीक्षक के अनुसार इनके मोबाइल से जिस तरह की कॉल रेकॉर्ड मिली हैं, उससे इन्हें संदिग्ध आतंकी मानने में कोई गुरेज नहीं है। इसीलिए एटीएस को सूचित किया गया। गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर इन्हें कोर्ट में पेश करने के चलते अब रिमांड पर लेकर विस्तार से पूछताछ की जाएगी।