नई दिल्ली। गंगा एक्ट को लेकर कई दिनों तक अनशन पर रहने के बाद प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद के निधन पर सियासत तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद (जीडी अग्रवाल) की मांगों को सरकार मांग चुकी है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने स्वामी सानंद की लड़ाई को आगे ले जाने की बात कही है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा 'मां गंगा के सच्चे बेटे प्रो जीडी अग्रवाल नहीं रहे। गंगा को बचाने के लिए उन्होंने स्वयं को मिटा दिया। हिंदुस्तान को गंगा जैसी नदियों ने बनाया है। गंगा को बचाना वास्तव में देश को बचाना है। हम उनको कभी नहीं भूलेंगे। हम उनकी लड़ाई को आगे ले जाएंगे।'

वहीं मामले में विवाद को बढ़ता देख केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को बताया कि गंगा की स्वच्छता पर हमने उनकी लगभग सभी मांगे मान ली हैं। इसमें से एक मांग पर्यावरणीय ई-फ्लो था और हमने इस पर अधिसूचना भी जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि उनकी दूसरी मांग गंगा की संरक्षा के लिए कानून बनाना था। ऐसा एक विधेयक कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। इसके बाद उसे संसद में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

उन्होंने बताया कि स्वामी सानंद की एक मांग गंगा नदी पर बनने वाले कुछ बांधों को लेकर थी। इसे पूरा करने के लिए सभी पक्षकारों की हम जल्द ही बैठक करेंगे। मैंने उन्हें पत्र भी लिखा था कि हमने आपकी तकरीबन 70-80 फीसद मांगें मान ली हैं। हमने उनसे अपील की थी कि उनकी जरूरत है और उन्हें अपना अनशन तोड़ देना चाहिए।