आजमगढ़। यूपी के आजमगढ़ स्थित रानी की सराय थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर 85 वर्षीय वृद्ध महिला जीवित रहते हुए अपनी तेरहवीं करा रही थीं। त्रयोदशाह संस्कार के लिए भोजन बनाते समय गैस सिलेंडर में रिसाव से आग लग गई, जिसमें वृद्ध महिला की मौत तो हुई ही, उसकी बहू समेत अन्य पांच लोगों की भी जान चली गई। सभी की मौत का कारण दम घुटना बताया जा रहा है। एक किशोरी की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, घटना के बारे में खबर लगते ही सदमे में बुजुर्ग महिला के 60 वर्षीय देवर की भी मौत हो गई।

कोटवां चकबंगाली गांव निवासी महेंद्र राम की मां रामताजी देवी का जीवित होने के बाद भी त्रयोदशाह संस्कार का आयोजन था। भंडारे में शामिल होने के लिए उनके रिश्तेदार भी जुटे हुए थे। दोपहर लगभग सवा एक बजे घर के करीब स्थित एक कमरे में भोजन बन रहा था। पास पड़ोस के लोगों का कहना है कि इस दौरान टिन शेड में रखे गैस सिलेंडर में रिसाव से अचानक आग लग गई। इसके बाद सभी महिलाएं पास के एक कमरे में भागकर चली गईं और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।

इधर, आग कमरे के बाहर चारों तरफ फैल चुकी थी। इससे कमरे के अंदर मौजूद रामताजी देवी, उनकी बहू 48 वर्षीय कविता के अलावा रिश्तेदार 55 वर्षीय तारा देवी, 44 वर्षीय अनीता व उनकी दो वर्षीय नतिनी अराध्या के साथ ही रिश्तेदारी में आई पांच वर्षीय बच्ची अंजलि की भी दम घुटने से मौत हो गई। महेंद्र की 17 वर्षीय बेटी पूज्यंका उर्फ पुष्पांजलि की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल से वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया है। मौके पर पहुंचे अग्निशमन दल के कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया।

दूसरी तरफ, छह लोगों की मौत की खबर से मृत रामताजी देवी के 60 वर्षीय देवर रामफेर को सदमा लगा जिसके चलते उनकी भी देर शाम मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद रामफेर घर के सामने चारपाई पर बैठे थे।

घरवालों का कहना है कि रामताजी देवी ने गुरुमुख होने के बाद जीते जी अपनी तेरहवीं कराने की इच्छा पुत्रों से जताई थी। इसी के तहत त्रयोदशाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में आग लगने से चार महिलाओं व दो बच्चियों की मृत्यु पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारीजन को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।