नई दिल्ली। मोबाइल फोन में सरकार जीपीएस को अनिवार्य बना सकती है। पूर्व में इससे दी गई छूट वापस ली जाएगी। इस कदम से सरकार संकट में फंसी महिलाओं की मदद को ध्यान में रखते हुए मोबाइल फोन में दी गई पैनिक बटन की सुविधा खत्म करने में समर्थ हो सकेगी। सरकार ने 2016 में सभी मोबाइल निर्माताओं को पैनिक बटन और ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) मुहैया कराना अनिवार्य किया था। यह आदेश संकट में फंसी महिलाओं की मदद के लिए दिया गया था। लेकिन निर्माताओं द्वारा यह कहने के बाद वे इसका खर्च उगाही करेंगे, गैर स्मार्ट फोन को पिछले वर्ष नवंबर में छूट दी गई थी।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "दूर संचार मंत्रालय ने हमें आश्वासन दिया है कि नवंबर में दिया गया अपना आदेश वह वापस लेगा और 2016 के सर्कुलर को बहाल करेगा।" महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव ने दूर संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा और मोबाइल निर्माताओं से पिछले महीने मुलाकात की। फोन निर्माताओं से तीव्र विरोध के कारण विवाद हुआ।

अधिकारी ने कहा, "जीपीएस से फोन की कीमत 200 रुपये बढ़ जाएगी हम उम्मीद करते हैं कि लोग इसके लिए अतिरिक्त खर्च करना चाहेंगे। यह लोगों की सुरक्षा के हित में है। हमारे पास कारों में सीट बेल्ट और एयरबैग हैं। इसके लिए खर्च बढ़ जाता है। लोग उसका भुगतान करते हैं क्योंकि यह सुरक्षित भविष्य के लिए अनिवार्य है।"