संतोष शर्मा, अलीगढ़। हिंदुत्व का विश्वभर में डंका बजाने वाले स्वामी विवेकानंद की सबसे ऊंची 170 फीट की प्रतिमा लगाने की तैयारी है। अष्टधातु की यह प्रतिमा इंदौर निवासी अंतरराष्ट्रीय नेल आर्टिस्ट वाजिद खान तैयार कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यह मूर्ति उत्तर प्रदेश के लखनऊ या आगरा शहर में लगाई जाएगी। आखिरी विकल्प के तौर पर दिल्ली को रखा गया है। प्रतिमा निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। इसे अंतिम रूप देने में अभी छह महीने और लगेंगे।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मंगलवार से शुरू हुए चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कला महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे वाजिद खान ने दैनिक जागरण से खास बातचीत में पूरी योजना का पट खोला। इंदौर निवासी वाजिद खान पांच वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके हैं। वह पांचवी फेल हैं, किंतु कला के ऐसे कोहिनूर हैं कि पूरी दुनिया में डंका बज रहा है।

वाजिद बताते हैं कि स्वामी विवेकानंद की कोलकाता में 40 फीट ऊंची प्रतिमा लगी है। यही दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। अब 170 फीट की प्रतिमा की स्थापना का काम शुरू हो चुका है। इसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली और गुजरात के 10-12 व्यवसायी तैयार करा रहे हैं। वही तय करेंगे कि प्रतिमा कहां पर लगाई जाए। अभी तक प्रस्तावित शहरों में लखनऊ पहले और आगरा दूसरे नंबर पर है। किसी वजह से यहां न लग सकी तो आखिरी विकल्प दिल्ली होगा।

इंदौर स्टेडियम में प्रतिमा पर काम भी शुरू हो चुका है। प्रतिमा को भव्य स्वरूप मिलने में छह माह लगेंगे। यह प्रतिमा लोहा, तांबा, जस्ता जैसी आठ धातुओं से मिलकर तैयार की जा रही है। बकौल वाजिद खान, प्रतिमा में कुल कितना खर्चा आएगा, इसका अभी अनुमान लगाना कठिन है। हां, 70 से 75 ट्रक मेटल जरूर लगेगा। उन्होंने बताया कि लंदन की महारानी एलिजाबेथ की चांदी की प्रतिमा भी वह तैयार कर रहे हैं। यह लंदन के म्यूजियम में लगाई जाएगी। इसका आकार 10 बाई आठ फीट होगा।


भोपाल में बसाएंगे 2000 साल पुराना शहर

वाजिद खान दो हजार साल पुराना भोपाल शहर भी बसाने की तैयारी में हैं। यह दुनिया में अपनी तरह का अनोखा शहर होगा, जहां लोग दो हजार साल पुराने तौर-तरीके जीते हुए रहेंगे। वाजिद बताते हैं कि इस शहर में उस कल्पना को उकेरेंगे कि उस वक्त में लोग कैसे घरों में रहते थे? कैसी पोशाक पहनते थे? कैसे घर बनाते थे? नए शहर में यही सबकुछ देखने को मिलेगा। यह शहर 40 एकड़ में बसेगा। इसे भी कुछ कारोबारी मिलकर बनवा रहे हैं।