मेरठ। उप्र के मेरठ जिले में गुरुवार को दो स्थानों पर जातीय संघर्ष हो गया। अनुसूचित जाति और ठाकुर बिरादरी के लोगों के बीच मारपीट-पथराव में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। पहली घटना चार वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के बाद सरधना क्षेत्र और दूसरी गंगानगर क्षेत्र के उल्देपुर गांव में हुई।

शव रखकर जाम लगाने पर पुलिस को उल्देपुर में बल प्रयोग करना पड़ा। दोनों स्थानों पर फोर्स तैनात कर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने डेरा डाल दिया है। उल्देपुर में आरएएफ भी तैनात की गई है।

मेरठ के उल्देपुर गांव निवासी अनुसूचित जाति के तीन युवक बुधवार रात कांवड़ देखने मोदीपुरम गए थे। रास्ते में गांव के ही ठाकुर समाज के युवकों ने उनसे मारपीट कर दी। गुरुवार सुबह अनुसूचित जाति के लोग थाने में शिकायत करने निकले और संघर्ष हो गया।

दोनों तरफ से करीब आधे घंटे तक पथराव हुआ, जिसमें बीए में पढ़ रहे अनुसूचित जाति के रोहित की मौत हो गई। वह शामली में तैनात एक सिपाही का भतीजा था। संघर्ष में दोनों पक्षों के आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। अनुसूचित जाति के लोगों ने हंगामा करते हुए गांव के चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। घंटों मशक्कत के बाद भी लोग नहीं मानें तो बल प्रयोग कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।

पुलिस ने ठाकुर समाज के तीन लोगों सहित अनुसूचित जाति के भी दो लोगों को हिरासत में लिया है। दूसरी घटना सरधना थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई। बुधवार शाम चार वर्षीय बालिका से दुष्कर्म की घटना के बाद ठाकुर समाज के लोगों ने आरोपित के घर में तोड़फोड़ कर दी। देर रात तक अनुसूचित जाति और ठाकुर बिरादरी के लोगों के बीच रुक-रुककर संघर्ष होता रहा। कई थानों की फोर्स व अर्द्धसैनिक बल ने हालात पर काबू पाया।

अनुसूचित जाति के लोगों का आरोप है कि गुरुवार को भी एसएसपी से शिकायत करने जाते वक्त कांवड़ियों के वेश में आए दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें दौराला क्षेत्र में घेरकर हमला कर दिया। पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।