मुंबई। इस्लाम धर्म के विवादित प्रचारक जाकिर नाइक ने दावा किया है कि उसने कभी भी आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दिया। हमेशा से उसका उद्देश्य शांति और धार्मिक सद्भाव रहा है। मलेशिया में शरण लिए जाकिर ने वहां से जारी बयान में यह बात कही है।

भगोड़े जाकिर ने शरण देने के लिए मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मुहम्मद का शुक्रिया अदा किया है और कहा है कि वह मलेशिया का कोई कानून नहीं तोड़ेगा। भारत ने मलेशिया से जाकिर के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है।

जाकिर ने कहा है कि काट-छांट वाली वीडियो क्लिप और बिना पृष्ठभूमि का उल्लेख किए भाषणों के आधार पर उसे आतंकवाद को बढ़ावा देने और धन के अवैध लेन-देन का आरोपी बनाया गया है।

धर्म प्रचारक ने कहा, उसने इस्लाम के नाम पर लोगों को कभी नहीं भड़काया। घृणास्पद भाषण देकर आतंकवाद के समर्थन का कार्य नहीं किया। इन आरोपों के विपरीत उसका उद्देश्य हमेशा धार्मिक सौहार्द बनाने का रहा। जाकिर ने कहा है कि उसने हमेशा कहा है कि कोई भी मुस्लिम व्यक्ति तब तक अच्छा मुसलमान नहीं हो सकता, जब तक वह अच्छा इंसान नहीं हो।

जाकिर का बयान उसके भारत में मौजूद प्रवक्ता ने जारी किया है। जाकिर टीवी चैनल के जरिये धार्मिक भाषण देकर इस्लाम को बढ़ावा देने का कार्य करता है। इसी दौरान कट्टरपन को बढ़ावा देने और आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप उस पर लगा है। 2016 से वह इन आरोपों में अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए भारत से फरार है।

हाल ही में उसने मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर से मुलाकात की और वहां रहने की अनुमति पाई है। महातिर की कट्टरपंथी पार्टी ने हाल ही में मलेशिया के चुनाव में सफलता पाई है।