नई दिल्ली। घर के बाहर का वायु प्रदूषण कैंसर का खतरा बढ़ा रहा है। दक्षिण-पूर्व एशिया (एसईए) देशों में यह समस्या ज्यादा विकट है। विश्व कैंसर दिवस की पूर्व संध्या पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत सहित क्षेत्र के देशों को इस संकट से आगाह किया है। साथ ही सरकारों से शीघ्र ही समस्या के समाधान का आग्रह किया है। विश्व के शीर्ष 20 प्रदूषित शहरों में 14 दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र से हैं।

डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा, "घर के बाहर के वायु प्रदूषण से हम सबके लिए कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। सरकारों को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हुए इस मुद्दे से निपटने की जरूरत है।" उन्होंने कहा, इस क्षेत्र में, व्यावसायिक खतरे और पर्यावरणीय जोखिम, कैंसर और असमय मृत्यु का कारण बने हुए हैं।

सिंह ने कहा, दुनिया भर में हर वर्ष कैंसर से 82 लाख लोगों की मौत होती है। इनमें दो-तिहाई संख्या कम और मध्य आय वर्ग वाले देशों की है। दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों में 22 फीसद तंबाकू के प्रयोग से होती है।

भारत में कैंसर से हर साल 3.5 लाख मौतें

भारत में हृदयाघात के बाद सबसे ज्यादा मौतें कैंसर से होती हैं। एक शोध संस्था ने बुधवार को बताया कि इस बीमारी से हर वर्ष 3.5 लाख लोग जान गंवाते हैं। डब्ल्यूएचओ की वर्ल्ड कैंसर रिपोर्ट 2015 का हवाला देते हुए इंडियन सोसाइटी फॉर क्लीनिकल रिसर्च (आइएससीआर) ने कहा कि देश में हर साल कैंसर के सात लाख मामले सामने आते हैं। अगले 10-15 वर्षों में इसमें और इजाफा होने की आशंका है।