पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सीएम के पद से अयोग्य घोषित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की तरफ से नीतीश कुमार को बड़ी राहत मिल गई है।

बता दें कि वकील एमएल शर्मा ने याचिका दाखिल कर नीतीश कुमार पर आरोप लगाया था कि 2004 से 2012 के दौरान नीतीश कुमार ने हलफनामे में ये खुलासा नहीं किया कि 1991 में उन पर हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। याचिका में दावा किया गया है कि नीतीश कुमार ने अपने एफिडेविट में इस बात का जिक्र नहीं किया कि उनके नाम पर हत्या का केस दर्ज है।

इसके अलावा नीतीश कुमार के खिलाफ हत्या के मामले में उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई थी। याचिका के मुताबिक नीतीश कुमार अपने आपराधिक रिकॉर्ड को छुपाने के बाद संवैधानिक पद पर नहीं रह सकते हैं।

इस मुद्दे पर नीतीश कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ये कोर्ट में मामला है। इसमें मैं क्या बोलूं? इसमें तो चुनाव आयोग से पूछा गया है। बिहार के सीएम ने लालू प्रसाद यादव पर तंज कसते हुए कहा 'वह मेरा ही ऐफ़िडेविट दिखा रहे थे। सुप्रीमकोर्ट में जो मामला गया है, मुझे नहीं मालूम सही बात है क्या है।

उन्होंने कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा है तो वो बताएगा क्या नियम है और उसके मुताबिक किसको क्या घोषित करना है? जहां तक मेरी बात है मुझे कोई लेना-देना नहीं। हम वही काम करते हैं, जो नियम के अनुरूप हैं।