नई दिल्ली। एससी और ओबीसी के बच्चों के बच्चों द्वारा प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए की जाने वाले कोचिंग का पूरा खर्च अब सरकार उठाएगी। एससी एवं ओबीसी छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग की संशोधित योजना के अनुसार दलित एवं पिछड़े वर्ग के छात्रों का प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। इससे पहले केंद्र सरकार कोचिंग शुल्क का अधिकतम 20,000 रुपए तक का खर्च वहन करती थी।

दरअसल सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय ने केंद्रीय क्षेत्र की योजना में संशोधन किया है जिसके तहत केंद्र सरकार अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) उम्मीदवारों को अच्छी गुणवत्ता की कोचिंग मुहैया कराने के लिए प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों की लिस्टिंग करेगी।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इससे पहले प्रति उम्मीदवार संस्थान को दी जाने वाली कोचिंग फीस की अधिकतम सीमा 20,000 रुपए थी, लेकिन सरकार अब कोचिंग का पूरा खर्च वहन करेंगी। अधिकारी ने ये भी बताया कि मंत्रालय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग देने वाले संस्थानों से आवेदन मांगेगा। इसके बाद एक चयन समिति प्रस्तावों पर विचार करेगी जो उनकी जांच करेगी और उनकी छंटनी करेगी।

जानकारी के मुताबिक राज्य से एक से अधिक जिलो में शाखाओं वाले प्रतिष्ठित संस्थानों को तरजीह दी जाएगी। इसके अलावा स्थानीय छात्रों को दिया जाने वाला मासिक वजीफा 1,500 रुपए से बढ़ाकर 2,500 रुपए कर दिया गया है और बाहरी प्रत्याशियों की मासिक छात्रवृत्ति को 3,000 रुपए से बढ़ाकर 5,000 रुपए कर दिया गया है। विकलांग छात्रों को 2,000 रुपए का विशेष भत्ता दिया जाएगा।

एससी और ओबीसी वर्गों के वे छात्र इस योजना का लाभ ले सकेंगे जिनके परिवार की सभी माध्यमों से कुल आय प्रतिवर्ष छह लाख रुपए या उससे कम है।