जम्मू। कठुआ जिले के हीरानगर के रसाना गांव में आठ साल की बच्ची की हत्या करने से पहले उससे सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। नीचता की हद तो तब हो गई जब स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजूरिया ने बालिका की हत्या से पहले एक बार फिर दुष्कर्म करने की इच्छा जताई।

सोमवार को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पुलिस द्वारा दाखिल 15 पेज के आरोप पत्र में यह बात कही गई है। बक्करवाल परिवार की बालिका रसाना के जंगल में 10 जनवरी को लापता हुई थी और उसका शव 17 जनवरी को बरामद हुआ था। इस मामले में गिरफ्तार आठ लोगों में एक नाबालिग भी है।

आरोपपत्र के अनुसार बक्करवाल समुदाय को अपनी जमीन से हटाने के मकसद से सांझी राम ने बालिका के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की साजिश रची थी। लड़की को रसाना गांव में देवस्थान पर रखा गया था।

आरोपितों में एसपीओ भी साजिश में

पुलिस का एसपीओ दीपक खजूरिया, सुरेंद्र वर्मा, उसका दोस्त प्रवेश कुमार, सांझी राम का नाबालिग भतीजा व बेटा विशाल जंगोत्रा शामिल थे। आरोप पत्र में जांच अधिकारी सहायक सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता व कांस्टेबल तिलक राज का भी नाम है। उन पर कथित रूप से चार लाख रुपए लेकर महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने का आरोप है।

आरोपी के परिजनों ने मामले की CBI जांच की मांग की

कठुआ रेप मामले में आरोपी के परिवार के सदस्यों और हिंदू एकता मंच के सदस्यों ने कठुआ में प्रदर्शन आयोजित कर मामले की सीबीआइ जांच की मांग की है।

जम्मू को बांटने की साजिश-जम्मू बार एसोसियेशन

जम्मू बार एसोसियेशन के अध्यक्ष बीएस स्लाथिया ने कहा- हमने हमेशा से इस तरफ ध्यान दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सीबीआइ के द्वारा निष्पक्ष जांच आयोजित की जाएगी। हमारे खिलाफ गलत सूचनाएं फैलाई जा रही है। यह सांप्रदायिक आधार पर जम्मू को बांटने की साजिश है।

कठुआ मामले में वीके सिंह ने किया इंसाफ का वादा-

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आठ साल की लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने गुरुवार को कहा कि हम मानवता के रूप में विफल रहे हैं। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि उसे इन्साफ से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि बकरवाल समुदाय की यह लड़की इसी साल 10 जनवरी को रसाना गांव में अपने घर के पास से गायब हो गई थी। एक सप्ताह बाद उसी इलाके में उसकी लाश बरामद हुई थी। मेडिकल जांच में सामूहिक दुष्कर्म का पता चला था। उस घटना पर चुप्पी तोड़ने वाले वीके सिंह संभवतः केंद्र सरकार के पहले मंत्री हैं।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया था। जांच अधिकारियों ने दो पुलिस अधिकारियों समेत मामले में आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया था। पुलिस द्वारा दाखिल आरोपपत्र के मुताबिक, नाबालिग लड़की का अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म एक सुनियोजित साजिश थी।

कांग्रेस ने साधा निशाना-नारा "बेटी बचाओ" नहीं "बेटी छिपाओ"-

कांग्रेस ने गुरुवार को भाजपा पर जमकर निशाना साधा और पूछा कि उनका नारा बेटी बचाओ का है या बेटी छिपाओ का? कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि मौजूदा समय में सरकार का "बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ" का नारा एक धमकी की तरह लग रहा है। यह इसलिए है क्योंकि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के ऊपर अत्याचार और दुष्कर्म की घटनाएं तेजी से बढ़ीं हैं। प्रधानमंत्री मोदी को इस पर भी उपवास करना चाहिए और अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।

कांग्रेस नेता सिब्बल ने सरकार के उपवास पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री और सरकार को उपवास करना है, तो पीएनबी बैंक घोटाले, एसएसटी घोटाले और सीबीएसई पेपर लीक, राफेल सौदे, कालाधन वापस नहीं आने जैसे मुद्दों को लेकर उपवास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मन की बात करने वाले प्रधानमंत्री के लिए यह चुप रहने का समय नहीं है। उन्हें महिलाओं के साथ बढ़ रहे अपराध और दुष्कर्म की घटनाओं पर बोलना चाहिए।

उन्होंने बताया कि नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के 2016 के आंकड़ों के मुताबिक दुष्कर्म की सबसे अधिक 4882 वारदातें मध्य प्रदेश में हुई हैं। दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश है, जहां 4816 घटनाएं हुई, जबकि तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र है, जहां दुष्कर्म की 4189 वारदातें दर्ज हुई हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी भाजपा शासित राज्य अव्वल हैं। कांग्रेस नेता ने इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा और कहा कि वह आरोपियों को बचाने का काम कर रहे हैं।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष ने कर्नाटक में कांग्रेस पर सदन नहीं चलने का आरोप लगाया है। लेकिन वह नीरव मोदी जैसे लोग देश का जो पैसा लेकर भाग गए हैं, उसकी फिक्र नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों के बीच बढ़े टकराव को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कोर्ट की स्वायत्तता यदि चली जाएगी, तो यह लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा होगा।

कठुआ मामले की सुनवाई शिफ्ट करने की वकालत-

कठुआ जिले के रसाना गांव में आठ साल की लड़की से दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला अपराध शाखा द्वारा आरोप पत्र दायर करने के बाद और पेचीदा हो गया है। पीड़िता का केस लड़ रहीं एडवोकेट दीपिका राजावत ने जम्मू बार एसोसिएशन के प्रधान बीएस सलाथिया पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें इस मामले की पैरवी करने से पीछे हटने की धमकी दे रहे हैं।

ऐसे में उन्होंने केस के शिफ्ट करने की वकालत की। उधर, बार एसोसिएशन ने कहा कि मामले को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी जाए। एसोसिएशन दुष्कर्मियों के साथ कतई नहीं है।

पीड़िता से इंसाफ होगा : महबूबा-

मामले को राजनीतिक रंग मिलते देख मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को कहा कि पीड़िता को पूरा इंसाफ मिलेगा। इस मामले में कानूनी कार्रवाई की राह में किसी तरह की रुकावट नहीं आने दी जाएगी। महबूबा ने यह आश्वासन ट्वीट करते हुए दिया।