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    अरविंद केजरीवाल तक पहुंची टैंकर घोटाले की आंच

    Published: Wed, 17 May 2017 09:48 PM (IST) | Updated: Wed, 17 May 2017 09:50 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड टैंकर घोटाला मामले की जांच की आंच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक पहुंच गई है। इस मामले में दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) को चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। इसके अनुसार, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नहीं चाहते थे कि जल टैंकर घोटाले की जांच हो।

    साथ ही वे इसकी शिकायत एसीबी में करने के पक्ष में नहीं थे। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने केजरीवाल को जानकारी दिए बिना ही मामले की शिकायत एसीबी से की थी।

    इसके कारण ही दोनों के संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। कपिल मिश्रा के बयान, उनके द्वारा दिए गए सुबूत व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव विभव पटेल से की गई पूछताछ में एसीबी को कुछ इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप की जानकारी मिली है।

    बुधवार को विभव पटेल से सिविल लाइंस स्थित एसीबी के दफ्तर में करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई। एसीबी चीफ विशेष आयुक्त मुकेश कुमार मीणा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अभी केवल बयान दर्ज किया जा रहा है। बीते दिनों कपिल मिश्रा ने जितनी बातें बताईं, जो सुबूत दिए वह सभी पटेल को बताई गई।

    जवाब में विभव ने जो सफाई दी, उन्हें रिकॉर्ड पर लाने के लिए बयान दर्ज किए गए। विभव को सुबह 11 बजे बुलाया गया था, लेकिन वह तय समय से एक घंटा पहले वहां पहुंच गए।

    विभव से सवाल किया गया कि क्या केजरीवाल नहीं चाहते थे कि वाटर टैंकर घोटाले की जांच हो। मुख्यमंत्री के कहने पर क्या वे तत्कालीन जल मंत्री कपिल मिश्रा को दिशा-निर्देश देते थे? उनपर दबाव बनाने थे? इन सवालों को विभव ने सिरे से खारिज कर दिया।

    साथ ही कहा कि उन्हें वाटर टैंकर घोटाले को लेकर केजरीवाल ने न कभी कोई निर्देश दिए और न ही इस मामले को लेकर उन्होंने कपिल मिश्रा से कुछ कहा।

    एसीबी सूत्रों के मुताबिक विभव ने जो सफाई दी है, उस पर गुरुवार को कपिल मिश्रा से फिर पूछताछ होगी। उसके बाद विभव को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

    ज्ञात हो, मंत्री पद से हटाए जाने के बाद कपिल मिश्रा ने टैंकर घोटाला मामले को लेकर एसीबी दफ्तर पहुुंच कर केस से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज एसीबी को सौंपे थे।

    400 करोड़ के घोटाले के मामले में एसीबी में केस दर्ज है। कपिल का कहना था कि घोटाले की जांच को केजरीवाल व उनके दो सहयोगी प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

    उन्होंने उनके नाम भी शिकायत में दिए। तब एसीबी ने दस्तावेजों की जांच के बाद कपिल को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाने का निर्णय लिया था। कपिल ने पुरानी रिपोर्ट के साथ खुद ड्राफ्ट किया हुआ एक रिपोर्ट बीते दिनों एसीबी को दी थी।

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