इलाहाबाद। शिवालयों में जल चढ़ाने के लिए सड़कों पर बाजा (डीजे) बजाकर जुलूस की शक्ल में जाने वाले कांवड़ियों पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रोष जताया है। कोर्ट ने कहा है कि जुलूस के साथ जाकर मंदिरों में पूजा व अभिषेक करना धार्मिक कार्य है, परंतु इस कार्य में डीजे बजाकर शोर मचाना गलत है।

हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार व प्रशासन को निर्देश दिया है कि कांवड़ियों के इस कृत्य को देखें और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। कांवड़ियों को आम जनता की शांति में बाजा बजाकर दखल देने का अधिकार नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता व न्यायमूर्ति वीके मिश्रा की खंडपीठ ने बदायूं के विक्की देवान की जनहित याचिका को खारिज करते हुए दिया है।

याचिका में मांग की गई थी कि पुलिस डीजे बजाते हुए शिवालयों तक जाने में कांवड़ियों को परेशान न करे। धार्मिक कृत्य संपादित करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।