नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण कार्य करने वाली 112 महिलाओं को सम्मानित किया। इनमें सिर्फ पारंपरिक पेशों से ही नहीं बल्कि गैर-पारंपरिक क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें देश की पहली महिला कुली, पहली महिला ऑटो रिक्शा ड्राइवर, पहली महिला बस एवं ट्रेन ड्राइवर और पहली महिला बारटेंडर तक शामिल हैं।

पहली महिला ऑटो रिक्शा ड्राइवर शीला दवारे ने बताया कि 1988 में उन्होंने ऑटो रिक्शा चलाना शुरू किया था। उन्होंने बताया, 'मेरे माता-पिता शिक्षित थे, लेकिन जब मैंने ऑटो रिक्शा ड्राइवर बनने का फैसला किया तो किसी ने मेरा साथ नहीं दिया। इसलिए 18 साल की उम्र में मैंने घर छोड़ दिया था। अब मुझे अच्छा लग रहा है कि मुझे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।'

मास्टर शेफ इंडिया की पहली महिला विजेता पंकज भदौरिया ने कहा, यह बहुत सुंदर पहल है। इससे न सिर्फ पहचान मिल रही है बल्कि इससे युवा लड़कियों को जीवन में अच्छा करने की प्रेरणा भी मिलेगी। पहली महिला क्रिकेट कोच और द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित सुनीता शर्मा ने कहा कि कभी नहीं से देर से होना अच्छा है। मुझे खुशी है कि थोड़ी देर से ही सहीं, लेकिन हमारे योगदान को पहचान मिल रही है।

असाधारण महिलाओं की सूची में उपासना टाकू (पेमेंट स्टार्टअप का नेतृत्व करने वाली पहली महिला), कल्पना चावला, बछेंद्री पाल, एश्वर्य राय बच्चन, निकोल फारिया, दीपा कर्माकर, अंजुम चोपड़ा, दीपा मलिक, पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, एमसी मैरीकॉम, साक्षी मलिक, मिथाली राज, सानिया मिर्जा, पीटी ऊषा जैसे नाम भी शामिल हैं।