नई दिल्ली। कठुआ में नाबालिक बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के घिनौने कांड के बाद अब इस मामले को लेकर जहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं वहीं राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो चुकी है। इस बीच पूरे घटनाक्रम पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने इसके साथ ही नोटिस भी जारी किया है। इस बीच देश में दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की मांग उठने लगी है।

वहीं दुष्कर्म केस में वकीलों के विरोध मामले पर एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट से दखल देने का अनुरोध किया। इसके जवाब में कोर्ट ने शुक्रवार को वकील से कहा, ‘याचिका दाखिल करो तब विचार करेंगे।‘

कोर्ट ने एक नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जम्मू कश्मीर और कठुआ अधिवक्ता इकाईयों की ओर से आहूत हड़ताल पर न्यायिक संज्ञान लेने के लिए सभी रिकॉर्ड मंगवाए हैं।

आठ वर्षीय बच्ची के साथ गैंगरेप के मामले में कई वकीलों ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष इसे मेंशन करते हुए कहा कि कुछ वकील आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। जिसके जवाब में चीफ जस्टिस ने कहा कि हमें कम से कम अखबार की खबर तो दीजिए ताकि हम स्वत: संज्ञान ले सकें। अब इस बात की पूरी संभावना है कि सुप्रीम कोर्ट कठुआ गैंगरेप मामले पर स्वत: संज्ञान ले सकता है।

कठुआ गैंगरेप मामले ने पूरे देश में राजनीतिक भूचाल ला दिया है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से नाराज कठुआ बार एसोसिएशन ने पिछले दिनों हड़ताल भी किया था। बार एसोसिएशन और वकीलों के विरोध की वजह से चार्जशीट दाखिल नहीं हो पाया था।