कलबुर्गी। जिंदगी और मौत उपरवाले के हाथों में है और जब तक वो ना चाहे किसी का बाल भी बांका नहीं हो सकता। आपने अब तक इस तरह की कई खबरें पढ़ीं होंगी जिनमें अंतिम संस्कार के पहले मृतक के जिंदा होने का दावा किया गया और बाद में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। लेकिन कर्नाटक में ऐसा मामला सामने आया है जहां एक शख्स अंतिम संस्कार के पहले सच में जी उठा और अब उसका अस्पताल में इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार ईश्वर पावडे नाम के 35 वर्षीय इस शख्स का इलाज मुंबई के अस्पताल में चल रहा था। ईश्वर महाराष्ट्र के सोलापुर में ही रहकर काम करता था लेकिन पिछले दिनों उसका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इलाज के दौरान बुधवार को डॉक्टरों ने ईश्वर को मृत घोषित कर दिया और शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद रोते-बिलखते परिजन गुरुवार को उसका अंतिम संस्कार करने श्मशान पहुंचे।

जब उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं तभी शव के सीने से लिपटकर रो रहे रिश्तेदार ने महसूस किया कि ईश्वर सांस ले रहा है। उसने यह बात अन्य लोगों को बताई लेकिन किसी को यकीन नहीं हुआ। तभी इस बीच ईश्वर ने अपनी आंख खोली। फिर क्या था श्मशान घाट में हर शख्स हैरान हो गया और अंतिम संस्कार छोड़ परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उसका फिलहाल इलाज जारी है।

ईश्वर के जिंदा होने से उसकी पत्नी खुशी के मारे फूली नहीं समा रही वहीं अन्य रिश्तेदारो ने आरोप लगाया है कि सोलापुर के अस्पताल में डॉक्टरों ने लापरवाही की इसके लिए उनके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए।