नई दिल्ली। अगस्ता वेस्टलैंड मामले के बिचौलिये को सीबीआई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने आरोपी मिशेल को हफ्ते में 15 मिनिट का समय दिया है। इस वक्त में मिशेल अपने परिवार और अपने वकील से बात कर सकता है। देश के इस हाई प्रोफाइल मामले के आरोपी मिशेल को अब तक किसी से भी मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई थी।

बता दें कि 4 दिसंबर को अगस्ता वेस्टलैंड मामले के बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल को भारत लाया गया था, ऐसा माना जा रहा है कि क्रिश्चियन मिशेल के आने से कई सारे राज खुल सकते हैं। भारत की जांच एजेंसियां लंबे समय से उसे भारत लाने का प्रयास कर रही थीं। यह ऑपरेशन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के नेतृत्व में चलाया गया था।

मिशेल पर आरोप है कि उसने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे के लिए कथित रुप से नेताओं और नौकरशाहों को 3600 करोड़ की रिश्वत दी थी।

जानकारी के मुताबिक, मिशेल ने इस डील के दौरान जिन्हें घूस दी थी, उनके नाम उसने कोड वर्ड में लिखे थे उसका खुलासा वही कर सकता है।

मिशेल के प्रत्यर्पण के लिए हुई थी कई कोशिशें

यूएई की सुरक्षा एजेंसियों ने फरवरी 2017 में मिशेल को गिरफ्तार किया था और इसके बाद से ही उसके प्रत्यर्पण की कोशिशें चल रही थीं। मिशेल को भारत प्रत्यर्पित कराने के लिए भारतीय एजेंसियों सीबीआई एवं प्रवर्तन निदेशालय ने यूएई का कई बार दौरा किया। इस दौरान एजेंसियों ने यूएई के अधिकारियों एवं न्यायालय के साथ घोटाले से जुड़े आरोपपत्र, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य एवं दस्तावेज साझा किए थे।

बता दें कि ईडी के दस्तावेज के मुताबिक, मिशेल को 12 हेलिकॉप्टर के समझौते को अपने पक्ष में कराने के लिए 225 करोड़ दिये गए। आरोप है कि यूपीए सरकार के दौरान 2010 में हुए इस डील का करार पाने के लिए एंग्लो-इटैलियन कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड ने भारतीय राजनेताओं, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों, नौकरशाहों समेत वायुसेना के दूसरे अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए मिशेल को करीब 350 करोड़ रुपए दिए। इस सौदे में 2013 में घूसखोरी की बात सामने आने पर तत्कालीन रक्षा मंत्री ए के एंटोनी ने न केवल सौदा रद्द किया बल्कि सीबीआई जांच के आदेश भी दिए।