नई दिल्ली। डेढ़ महीने में 142 चुनावी रैलियों और दर्जनभर अन्य कार्यक्रमों को संबोधित कर प्रधानमंत्री दिल्ली पहुंचे तो विश्वास से लबरेज नजर आ रहे थे। उन्होनें सीधे भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पहुंचकर तो चौंकाया ही, यह दावा भी कर दिया कि भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार फिर से चुनकर आ रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहली बार होने जा रहा है कि एक पूर्ण बहुमत की सरकार दोबारा पूर्ण बहुमत से आने वाली है। इससे पहले यह या तो परिस्थितिजन्य कारणों से होता रहा या फिर परिवार की वजह से।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि यह अनुभव रहा है कि जनता हमसे आगे रही है। 2014 में देश की जनता ने ऐतिहासिक जनादेश दिया था। हम लोग इसे नरेंद्र मोदी एक्सपेरीमेंट के नाम से चर्चा करते हैं। 133 योजनाओं ने समाज के हर वर्ग को चुना है। हर 15 दिन में एक योजना शुरू की है। 2014 में 6 सरकारें थी आज 16 सरकारें हैं। एक समय 19 राज्य सरकारें थी। 50 करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को उठाने के लिए सरकार ने सफल प्रयास किया। देश की जनता के मन में अब किसी भी तरह की असुरक्षा का भाव नहीं है। उन्हें पता है कि अब देश सुरक्षित है।

मेरा बूथ सबसे मजबूत इसके तहत पीएम ने सभी कार्यकर्ताओं से सीधी बात की। नरेंद्र मोदी के काम और पीएम के लिए लोगों का जो लगाव है, लोकप्रियता के कारण हमें ढेर सारे वॉलेंटियर्स मिले। मेरा बूथ सबसे मजबूत इसके तहत पीएम ने सभी कार्यकर्ताओं से सीधी बात की। नरेंद्र मोदी के काम और पीएम के लिए लोगों का जो लगाव है, लोकप्रियता के कारण हमें ढेर सारे वॉलेंटियर्स मिले।

7 हजार से ज्यादा लाभार्थियों के साथ मोदी ने संवाद किया। एक दिन में 5 से ज्यादा जनसभाओं को भी संबोधित किया। 1 लाख 5 हजार किलोमीटर यात्रा की। 3 दिन ऐसे जिसमें चार हजार किलोमीटर से ज्यादा यात्रा की।

अमित शाह ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा पर फैसला पार्टी की अनुशासन समिति करेगी।

पीएम मोदी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों के बीच आने का अवसर मिला अच्छा लगा। कुछ बातें दुनिया के लिए गर्व के साथ कह सकते हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। विश्व के सामने इसे ले जाना सबका दायित्व है। इतना बड़ा चुनाव चल रहा है, ये हमारे देश की अपनी ताकत है कि सब होता है।

पत्रकारिता जगत में जब नेचुरल केलेमिटी होती है तो उनकी हालत ज्यादा खराब होती है। चुनाव शानदार रहा। मेरा मत है कि पूर्ण बहुमत वाली सरकार पूरा कार्यकाल कर दोबारा लौटकर आ रही है ये लंबे अर्से बाद हो रहा है।

पीएम मोदी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा सुखद अनुभव रहा है जब मैं चुनाव में निकला तो मन बनाकर निकला था कि मैं आपके पास आया हूं धन्यवाद करने के लिए। पांच साल मुझे देश ने जो आशीर्वाद दिया, अनेक उतार चढाव आए होंगे, मोड़ आए होंगे लेकिन हर समय देश साथ रहा। इसीलिए मेरे लिए चुनाव अभियान जनता के सहयोग का धन्यवाद अभियान था। उन्होंने कहा कि उनके लिए चुनाव अभियान का उद्देश आगे की यात्रा के लिए लोगों का आशीर्वाद लेना था।

शुक्रवार शाम भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की प्रेसवार्ता पहले से तय थी। लेकिन आश्चर्य तब हुआ जब शाह के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी भी प्रेसवार्ता में पहुंच गए। वह पहली बार सामूहिक रूप से मीडिया से रूबरू हुए थे, वह भी पार्टी कार्यालय में। लगभग पौन घंटे की वार्ता में सवालों के जवाब सीधे अमित शाह ने दिए।

प्रधानमंत्री ने सवालों के जवाब देने से इन्कार करते हुए कहा कि यह प्रेस कांफ्रेंस भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की है। हम पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं और हमारे लिए पार्टी अध्यक्ष ही सब कुछ हैं' हालांकि प्रधानमंत्री प्रेस कांफ्रेंस में न सिर्फ पूरे समय बैठे रहे बल्कि अपनी बात भी रखी। पुरानी सरकारों पर कटाक्ष किया और खुद की सरकार और संगठन पर विश्वास भी जताया और राजनीतिक कार्यप्रणाली की विशेषता भी बताई। लंबे चुनाव अभियान की थकान से मुक्त मोदी ने कहा कि मेरे लिए चुनाव अभियान एक तरह से धन्यवाद अभियान था। मैंने यह भी कहा कि जिस यात्रा को शुरू किया है उसे आगे बढ़ाने के लिए आशीर्वाद चाहिए और जनता के दिल में भी यह भाव दिखा। सरकार फिर से आ रही है और बहुमत से। उन्होंने आगे कहा कि अब चुनाव अभियान खत्म हो गया है, कल से फिर से सरकारी कामकाज में लगना है।

आइपीएल और चुनाव दोनों हुए

इसी क्रम में उन्होंने पूर्ववर्ती संप्रग सरकार पर तंज किया और कहा कि दो चुनाव तो ऐसे हुए जिसके कारण आइपीएल को बाहर जाना पड़ा था। लेकिन जब सरकार सक्षम होती है तो चुनाव भी होते हैं, रमजान भी चलता है, ईस्टर भी होता है, आइपीएल भी होता है, हनुमान जयंती भी होती है और बोर्ड की परीक्षाएं भी चलती हैं।

आज ही के दिन हुई थी ईमानदारी की शुरुआत

अभी चुनाव नतीजों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। ऐसे में प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 2014 में 16 मई को रिजल्ट आया था और उसके एक दिन बाद 17 मई (आज ही के दिन) को बड़ी घटना हुई थी, 17 मई को देश में सट्टेबाजों को नुकसान हुआ था। उसी दिन ईमानदारी की शुरुआत हो गई थी।

भाजपा का चुनाव अभियान बेहद व्यापक भाजपा का चुनावी अभियान बेहद व्यापक रहा है। प्रधानमंत्री ने इसकी ओर इशारा करते हुए कहा कि यह शोध का विषय है कि संगठन के साथ कैसे चुनाव लड़ा जाता है। उनकी पहली सभा मेरठ में हुई थी और आखिरी मध्य प्रदेश के खरगौन में, लेकिन दोनों स्थानों में एक जुड़ाव है। मेरठ में 1857 की क्रांति हुई थी और खरगौन के भीमा नायक 1857 की क्रांति के नायक थे जिन्हें फांसी हुई थी। यानी हमारी योजना बहुत सधी हुई होती है।