मल्टीमीडिया डेस्क। अपने दौर की मशूहर फिल्म अदाकारा मधुबाला का आज उनका जन्मदिन है। हर किसी के जेहन में अनारकली के रूप में जिंदा मधुबाला की जिंदगी कईं उतार-चढ़ावों से गुजरी। 14 फरवरी यानि वेलेंटाइंस डे के दिन जन्मी मधुबाला की जिंदगी का सफर मुमताज के रुप में शुरू हुआ लेकिन मधुबाला के रुप में खत्म हुआ। चेहरे की नजाकत उनकी प्रमुख विशेषता थी। आज उनके 86वें जन्मदिन पर गूगल एक स्पेशल डूडल के माध्यम से उन्हें याद कर रहा है। इस डूडल में गूगल ने मधुबाला को अनारकली के रुप में ही दिखाया है।

यूं शुरू हुआ फिल्मी सफर

मधुबाला बचपन से ही एक सफल अभिनेत्री बनना चाहती थीं। उनका ये सपना तब पूरा हुआ जब उन्हें पहली बार 1942 में फिल्म 'बसंत' से इंडस्ट्री में अपने कदम रखने का मौका मिला। इस फिल्म में उनके अभिनय को काफी पसंद किया गया। जानी मानी अभिनेत्री देविका रानी उनके अभिनय से इतना प्रभावित हुईं की 'मुमताज जेहान देहलवी' को अपना नाम बदल कर 'मधुबाला' रखने को कह दिया। साल 1947 में आई फिल्म 'नील कमल' मुमताज नाम से उनकी आखिरी फिल्म थी। इस फिल्म में सिर्फ 14 साल की उम्र में ही राजकपूर के साथ उन्होंने काम किया था। इस फिल्म के बाद उन्होंने अपना नाम बदल लिया और फिल्मों में मधुबाला के नाम से मशहूर हुईं।

अधूरा रह गया प्यार

वैसे मधुबाला भले ही वेलेंटाइंस डे के दिन जन्मी हों लेकिन उनका प्यार अधूरा ही रहा। जब फिल्मी सितारों के प्यार की चर्चा होती है तो मुधबाला और दिलीप कुमार की प्रेम कहानी भला कोई कैसे भूल सकता है। इस प्रेम कहानी की शुरूआत 1957 में फिल्म तराना से शुरू हुई। दिलीप कुमार और मधुबाला पहली नजर में ही एक दूसरे के प्यार में गिरफ्तार हो गए। खास बात यह रही कि मोहब्बत का इजहार मधुबाला ने खुद किया। उन्होंने गुलाब के फूल के साथ एक चिट्ठी दिलीप कुमार को भिजवाई, जिसमें लिखा था अगर आप मुझसे मोहब्बत करते हैं तो यह गुलाब का फूल कबूल करें। दिलीप ने मुस्कुराते हुए वह फूल कबूल कर लिया।

इसके बाद तो दोनों के बीच प्यार खूब परवान चढ़ा। जहां मधुबाला फिल्म की शूटिंग कर रही होतीं, दिलीप कुमार वहां पहुंच जाते। लेकिन मधुबाला के पिता ने इस प्यार को मंजूरी नहीं दी और उन्हें दोनों की नजदीकियां खटकने लगी। जहां मुधबाला और दिलीप कुमार के बीच प्यार गहरा हो रहा था वहीं दिलीप कुमार और मधुबाला के पिता के बीच दूरियां बढ़ गईं थीं। दिलीप ने मधुबाला को शादी करने के लिए प्रपोज किया तो मधुबाला ने झट से कहा की पहले मेरे पिता से मांफी मांगनी होगी।

दिलीप ने मांफी मांगने से साफ मना कर दिया। इतना सब होने के बाद फिल्म 'मुगल-ए-आजम' की शूटिंग चल रही थी। फिल्म में एक सीन शूट करना था जिसमें दिलीप कुमार को मधुबाला के गालों पर थप्पड़ मारना था। शूट करते वक्त दिलीप कुमार ने मधुबाला को जोरदार तमाचा जड़ दिया। कहा जाता है उस वक्त ऐसा लगा की दिलीप सिर्फ सीन में ही नहीं असलियत में मधुबाला से खफा थे।