ज्ञानेंद्र सिंह, बरेली। समलैंगिक रिश्तों की जिद का स्याह पहलू सामने आया है, जिसने एक बसी बसाई गृहस्थी में तूफान खड़ा कर दिया। नजदीकी रिश्ते तक बेतुकी चाहत की आग में झुलस गए। समलैंगिक रिश्ते न बनाने पर तलाकशुदा महिला ने अपनी भाभी को इतना प्रताड़ित किया, उसे घर छोड़ना पड़ा।

शुरुआत में पीड़ित किसी से कुछ कह न सकी। आखिर में इंसाफ के लिए उसने जब दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया तो पूरा मामला खुला। हाईप्रोफाइल परिवार के इस मामले को अब पुलिस बातचीत से सुलझाने में जुटी है।

बरेली के सिविल लाइंस में रहने वाले विकास विभाग के अफसर ने वर्ष 2011 में अपनी बेटी की शादी हरिद्वार निवासी दिल्ली में कार्यरत इंजीनियर से की। शादी के बाद इंजीनियर बीवी के साथ दिल्ली में रहने लगे। इंजीनियर की बहन भी दिल्ली में एक कंपनी में इंजीनियर हैं, जो अपनी एक सहेली के साथ रहती है। वह भी पेशे से इंजीनियर है। दोनों सहेलियों का अपने पति से तलाक हो चुका है, जिसकी वजह उनका समलैंगिक होना था।

आरोप है कि दिल्ली में महिला इंजीनियर का अपने भाई के घर आना-जाना लगा रहता था। इसी बीच न जाने कब वह अपनी भाभी की तरफ आकर्षित हो गई। उससे नजदीकी बनाने की कोशिश में जुट गई। भाभी ने जब उसके ऑफर को ठुकराया तो महिला इंजीनियर गुस्से से भर गई। बदला लेने पर उतारू हो गई। साजिश के तहत उसने अपने भाई को भाभी के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया।

यहां तक भाभी के चाल-चलन को लेकर भी वह भाई से शिकायत करने लगी। बात इतना आगे बढ़ गई कि महिला इंजीनियर के भाई ने अपनी पत्नी को घर से निकाल दिया। हारकर विवाहिता बरेली लौटी और कोतवाली में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया। जांच में जो बातें सामने आईं वह बेहद चौंकाने वाली थीं। अब डीआइजी आरकेएस राठौर ने डीएसपी मुकुल द्विवेदी को जांच सौंप दी है। कहा है कि विवाहिता का घर फिर से बस जाए।