पुलवामा हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ा तनाव खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। हमले की आशंका के मद्देनजर भारत ने विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य और उसके युद्ध समूह के युद्धपोतों को उत्तरी अरब सागर में लड़ाकू विमान के साथ तैनात कर दिया है।

बता दें कि, पिछले दिनों नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने कहा था कि समुद्र के रास्ते आतंकी हमला करने की फिराक में हैं। इतना ही नहीं लांबा ने यह भी कहा था कि हमले के लिए इसके लिए आतंकियों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। लांबा के अनुसार ऐसी रिपोर्ट मिली है कि आतंकियों को अलग-अलग तरीकों से प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसमें समुद्र के रास्ते से भी हमला करना शामिल है। हमले की आशंका के चलते समुद्री क्षेत्र में पाकिस्तान के किसी भी तरह के दुस्साहस को रोकने के लिए नौसेना को हाई अलर्ट पर रखा गया था।

नौसेना प्रमुख ने कहा कि भारत पड़ोसी देश द्वारा प्रायोजित गंभीर आतंकवाद का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में हाल में ही कई देशों में आतंकी गतिविधियां हुई हैं। इस क्षेत्र में कुछ ही देश आतंकवाद से बच पाए हैं। लांबा ने कहा कि जिस तरह से आतंकवाद ने वैश्विक रूप ले लिया है, उससे खतरा और बढ़ गया है।आतंकियों के खात्मे के लिए सबसे पहले भारत ने उरी हमले के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइ की। इसके बाद पुलवामा आतंकी हमला हुआ तो भारत ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए एयरस्ट्राइक की।