श्रीनगर। कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार सुबह आतंकियों ने छुट्टी पर ईद मनाने घर जा रहे राइफलमैन औरंगजेब को अगवा करने के बाद मार डाला। शहीद हुआ यह जवान 44 राष्ट्रीय राइफल्स के उसी दस्ते का हिस्सा था, जिसने मेजर शुक्ला के नेतृत्व में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी समीर बट उर्फ समीर टाइगर को ढेर किया था। यह मुठभेड़ द्रबगाम पुलवामा में 30 अप्रैल 2018 को हुई थी जिसमें समीर टाइगर को मार गिराया गया था।

समीर टाइगर ने मेजर शुक्ला को चुनौती दी थी जिसके बाद एक टीम बनाई गई थी। इस टीम में औरंगजेब भी शामिल था। समीर की चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देते हुए इस टीम ने उसे मुठभेड़ में मार गिराया था।

गुरुवार को जब औरंगजेब ईद मनाने के लिए अपने घर जा रहा था तब रास्ते में आतंकियों ने उसे अगवा कर लिया। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह नौ बजे के करीब शादीमर्ग, पुलवामा में स्थित सेना की 44 आरआर के जवानों ने अपने शिविर के बाहर एक सूमो टैक्सी को रोका। उन्होंने उसमें अपने साथी औरंगजेब को बैठाया।

टैक्सी में बैठकर उसे शोपियां पहुंचना था और वहां से उसने मुगल रोड के रास्ते पुंछ अपने घर जाना था।

अलबत्ता, शोपियां से कुछ दूरी पर पहले स्थित कलमपोरा में स्वचालित हथियारों से लैस आतंकियों के एक दल ने सूमो टैक्सी को रोक लिया। उन्होंने भीतर बैठे सभी लोगों की छानबीन की और औरंगजेब की निशानदेही कर उसे अपने साथ ले गए। सैन्यकर्मी को अगवा किए जाने की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने शोपियां, पुलवामा, कलमपोरा, शादीमर्ग और उनके साथ सटे इलाकों में घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया।