तिरुनेली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र में हैं। यहां से वह चुनाव लड़ रहे हैं। राहुल गांधी का वायनाड में यह दूसरा दौरा है। इससे पहले वे यहां पर्चा भरने आए थे, तब प्रियंका गांधी भी उनके साथ थीं। राहुल के लिए तिरुनेल्ली का अलग महत्व है, क्योंकि यहां की एक नदी में भी राजीव गांधी की अस्थियां विसर्जित की गई थीं।

राहुल यहां के तिरुनेली में महाविष्णु मंदिर में पूजा की और यहां की पापनाशिनी नदी के किनारे बलि तर्पण कर अपने पिता को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। यह मंदिर एक शताब्दी पुराना है। तिरुनेली को दक्षिण का काशी भी कहा जाता है और इस लिहाज से मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी (वाराणसी) को चुनौती देने के लिए यह आदर्श संकेत होगा।

इस मंदिर की यात्रा के जरिये राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आरोप से बचने का भी मौका होगा कि वह 'हिंदू आक्रोश के डर' से उत्तर भारत से भागकर वायनाड सीट से चुनाव लड़ने चले गए हैं। बताते चलें कि वाराणसी की तरह ही तिरुनेली में भी हर साल लाखों की तादात में हिंदू भक्त बलि (मृत परिजनों की आत्मा के लिए की जाने वाली पूजा) के लिए आते हैं।