मल्टीमीडिया डेस्क। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने मतदाताओं को जागरुक करने के लिए अपने स्तर पर कई प्रयास शुरू कर दिए हैं। खासतौर पर पहली बार वोटिंग करने वालों को यह बताया गया है कि वे ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल कैसे करें। इनके अलावा अपने लोकसभा क्षेत्र से दूर रहने वाले लोगों के लिए भी चुनाव आयोग ने खास व्यवस्था की है।

ऐसे करें वोट...

-बताते चलें कि, ईवीएम पर सभी उम्मीदवारों के नाम, चुनाव चिह्न और फोटो लगे होते हैं। प्रत्येक प्रत्याशी के सामने एक तीर का निशान और एक नीला बटन दिया जाता है। मतदाता अपना वोट अपने पसंद के प्रत्याशी के नाम के सामने नीले बटन को दबाकर दे सकता है।

-नीले बटन को दबाने पर तीर के निशान पर लाल बत्ती जलेगी, तब वीवीपैट से पेपर स्लिप सात सेकंड तक आपके उम्मीदवार का सरल क्रमांक, नाम व चुनाव चिह्न दिखाई देगा। बीप (सीटी) की लंबी आवाज आती है। इसका मतलब यह है कि आपने ठीक तरीके से मतदान कर दिया है।

-किसी स्थिति में यदि लाल बत्ती नहीं जलती है तो नीला बटन ठीक से दबाइए। असुविधा की स्थिति में वहां मौजूद चुनाव आयोग के अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। मशीन द्वारा मतदान पूर्णतः गोपनीय तथा सुरक्षित भी है।

वीपीपैट...

वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट (वीपीपैट) ट्रेल एक ऐसी मशीन है, जो मतदान के वक्त ईवीएम के साथ यूज होती है। वोट डालने के तुरंत बाद वीवीपैट मशीन में से एक पर्ची निकलती है। पर्ची पर उम्मीदवार का नाम और उसकी पार्टी का चिह्न छपा होता है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि किसी तरह का विवाद होने पर ईवीएम में पड़े वोट के साथ पर्ची का मिलान किया जा सके।

पोस्टल बैलट सर्विस या प्रॉक्सी वोट का मतलब...

एनआरआई मतदाता प्रॉक्सी वोटिंग के जरिए मतदान कर सकते हैं। वहीं, भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, असम राइफल्स, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और सशस्त्र सीमा बल और जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (सीमा सड़क संगठन) सर्विस वोटर्स के रूप में पंजीकृत होने के योग्य हैं। इस तरह वे पोस्टल बैलट सर्विस या प्रॉक्सी वोट के जरिये मदतान कर सकते हैं।

स्थायी पते से दूर रहने वाले लोगों के लिए...

इसके अलावा जो लोग अपने स्थायी पते से दूर हैं और मतदान केंद्र पर तय तिथि को नहीं पहुंच सकते हैं। उन्हें फॉर्म नंबर 6 भरना होगा। इस पर अपना नाम उस निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज करवाएं, जहां आप गए हैं। इसके लिए संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी या भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर निर्धारित प्रपत्र 6 में आवेदन पत्र दाखिल करें। ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए आपको पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटो और उम्र के दस्तावेजी प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र, कक्षा 10, 8 और 5 की मार्कशीट, भारतीय पासपोर्ट, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस और यूआईडीएआई द्वारा जारी आधार पत्र की फोटो-प्रतियों) और निवास के प्रमाण की आवश्यकता होगी।

फॉर्म 6 से जुड़ी जरूरी जानकारी...

प्रमाणपत्र देने के लिए पासपोर्ट, लाइसेंस, पासबुक, राशन कार्ड, आईटी मूल्यांकन आदेश, किराया, पानी, टेलीफोन, बिजली, गैस बिल या भारतीय डाक विभाग द्वारा दिया गया पत्र शामिल है। एक बार चुनाव आयोग फॉर्म 6 प्राप्त करने के बाद, एक बूथ-स्तर का अधिकारी आपके घर का दौरा करेगा और आवेदन पत्र पर एक हस्ताक्षर प्राप्त करेगा। वहीं, यदि आप ऑफ लाइन यह काम करना चाहते हैं, तो इसके लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक पंजीकरण के कार्यालयों में फॉर्म 6 मुफ्त में उपलब्ध है। आप या तो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या गृह निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष प्रपत्र दाखिल कर सकते हैं या इसे संबंधित दस्तावेजों के साथ अधिकारियों को पोस्ट कर सकते हैं।

यदि आप स्टूडेंट हैं तो...

चुनाव आयोग द्वारा अपेक्षित दस्तावेजों के साथ आपका फॉर्म 6 प्राप्त होने के बाद, एक सप्ताह के भीतर आपका नाम मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा। यदि आप एक छात्र हैं और अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय के स्थान पर एक निर्वाचक के रूप में नामांकित होना चाहते हैं, तो आपको संस्था के प्रमुख द्वारा एक शपथ-पत्र प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा।आपके घर निर्वाचन क्षेत्र में नामांकन दाखिल करने से 10 दिन पहले और विवरण के साथ पूर्ण किए गए फॉर्म 6 के रूप में सभी अनुरोध, यह सुनिश्चित करेंगे कि आपका नाम मतदाता सूची में सूचीबद्ध है, जैसा कि अनुरोध किया गया है।