नई दिल्ली। यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को कहा कि वह प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहती थीं। लोकसभा में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के बयान पर उन्होंने यह बात कही।

16वीं लोकसभा में बजट सत्र के आखिरी दिन अपने संबोधन में देवेगौड़ा ने कहा कि यूपीए सरकार के 2004 से 2014 के शासनकाल में सोनिया गांधी प्रधानमंत्री बन सकती थीं। देवेगौड़ा ने कहा कि उन्होंने सोनिया गांधी के काम को देखा है। कुछ लोग उनकी नागरिकता पर बहस करते हैं।

पिछले 30 वर्षों में यह कोई मुद्दा नहीं था। लेकिन कुछ लोगों ने यह मुद्दा उठाया जिससे एक मौके पर वह प्रधानमंत्री बनने से रह गईं। देवेगौड़ा के बयान पर सोनिया गांधी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, 'मैं प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहती थी।'

देवेगौड़ा ने कहा, 'जिस तरह से, आपने प्रधानमंत्री नहीं बनने का फैसला किया था, लेकिन मुझे एक वाकया याद है जब वाजपेयी राष्ट्रपति भवन के पास एक दिन के प्रायश्चित सत्याग्र्रह पर बैठे थे।' तब उन्होंने भोपाल में कहा था, 'वाजपेयी एक अच्छे व्यक्ति हैं, लेकिन उन्हें एक दिन का सत्याग्र्रह क्यों करना चाहिए ?' तब पत्रकारों ने उनसे पूछा था कि क्या आप उनका इस्तीफा मांग रहे हैं? 'मैंने कहा, क्यों नहीं? तब पत्रकारों ने पूछा कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? विपक्ष की नेता सोनिया गांधी क्यों नहीं? नागरिकता मुद्दे का क्या होगा? मैंने खुद इस मुद्दे को भोपाल में उठाया था। यही मैं कहना चाह रहा हूं।' इसके बाद सोनिया गांधी ने देवगौड़ा की सफाई को माना।