नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में एकजुट भाजपा विरोधी मोर्चा की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विपक्ष के वरिष्ठ नेता बुधवार को एक साथ बैठे। पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल को एक साथ देखा गया।

राकांपा अध्यक्ष शरद पवार द्वारा अपने आवास पर बुलाई गई बैठक में इन दोनों नेताओं के अलावा ममता बनर्जी तो आई लेकिन 80 सीटों वाले उत्तर प्रदेश में दबदबा रखने वाली सपा और बसपा से कोई शामिल नहीं हुआ। बैठक में विपक्षी नेता लोकसभा चुनाव में भाजपा की अगुआई वाले राजग के साथ मुकाबला करने के लिए साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करने पर सहमत हुए।

बैठक के बाद राहुल ने संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष के नेता साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करने पर सहमत हो गए हैं। भाजपा को हराने के लिए हम एकजुट होकर काम करेंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वार्ता को सकारात्मक बताया और कहा कि विपक्ष एकजुट होकर काम करेगा। बैठक से संकेत मिला है कि दिल्ली में 2015 में सत्ता में आने के बाद से एक दूसरे की विरोधी रही आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन बन सकता है।

तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक को सार्थक बताया और जोर देकर कहा कि हम चुनाव पूर्व गठबंधन करेंगे। तेलुगु देसम पार्टी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भारत को बचाना एक लोकतांत्रिक अनिवार्यता है जबकि नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला ने बैठक को बेहतर कहा।