हैदराबाद। मक्का मस्जिद केस में ले. कर्नल प्रसाद पुरोहित अपने बयान से पलट गए हैं। अदालत में उनका कहना था कि सीबीआइ ने उनसे कभी इस मामले में पूछताछ नहीं की। पुरोहित ने यह भी कहा कि वह सेना की इंटेलीजेंस विंग में कार्यरत थे। जिस किसी से भी इस दौरान वह मिले वह उनकी ड्यूटी का हिस्सा था।

उनका कहना था कि वह मामले के आरोपी भरत भाई को नहीं जानते, अलबत्ता दूसरे आरोपी असीमानंद को जरूर जानते हैं, लेकिन उनकी एक अन्य आरोपी सुनील जोशी की मौत पर असीमानंद से कोई बात नहीं हुई।

18 मई 2007 को हुए मक्का मस्जिद ब्लास्ट में नौ लोग मारे गए थे, जबकि कई घायल हुए थे। पुरोहित को 2008 मालेगांव ब्लास्ट में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रिहा किया था। वह नौ साल तक नासिक जेल में बंद रहे थे। मक्का मस्जिद मामले की सुनवाई अब 26 फरवरी को होगी।

मामले में स्वामी असीमानंद व भरत भाई जमानत पर हैं, जबकि तीन अन्य आरोपी जेल में हैं। दो आरोपी फरार हैं वहीं सुनील जोशी की मौत हो चुकी है। हैदराबाद की सेशन कोर्ट में इसकी सुनवाई चल रही है। मामले में 222 गवाह सूचीबद्ध किए गए हैं।

पुरोहित को अभियोजन पक्ष ने गवाह की सूची में शामिल किया था। सीबीआइ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसने नासिक जेल में बंद रहे पुरोहित से पूछताछ की थी, लेकिन ले. कर्नल इससे मुकर गए।