लंदन। भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल के साथ सहानुभूति जताई है। विजय माल्या ने ट्विटर कर यह बात कही। साथ ही उसने अपने कर्ज को चुकाने की बात भी दोहराई है। उसने सरकार पर निजी विमानन कंपनियों के साथ भेदभाव करने का भी आरोप लगाया है और कहा है कि सरकार सरकारी विमानन कंपनी को राहत देती है, लेकिन किंगफिशर और जेटएयरवेज को मदद नहीं करती है।

माल्या पर लंदन की अदालत में भारत वापस भेजने के लिए मुकदमा चल रहा है। उस पर 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग का आरोप है। उसने कहा कि जेट एयरवेज किंगफिशर की प्रमुख प्रतियोगी कंपनी थी। मुझे दुख होता है कि इतनी बड़ी विमानन कंपनी बंदी की कगार पर पहुंच गई, जबकि सरकार ने 35,000 करोड़ रुपये की राहत एयर इंडिया को दी है।

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माल्या ने कहा कि मैंने किंगफिशर में बड़ा निवेश किया था। यह सच है कि किंगफिशर ने सरकारी बैंकों से भी कर्ज लिया था। मैंने पूरी रकम चुका देने की पेशकश की है, लेकिन इसके बावजूद मुझ पर आपराधिक कार्रवाई की जा रही है। माल्या ने मीडिया से भी नाराजगी जताई और कहा कि जब भी मैं किंगफिशर का पैसा सरकारी बैंकों को चुका देने की पेशकश करता हूं, तो खबर छपती है कि भारत लाए जाने की संभावना से वह डर गया है। चाहे मैं लंदन में रहूं या भारत की जेल में, मैं पूरा पैसा चुका देना चाहता हूं।

नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल से सहानुभूति जताते हुए उसने कहा कि भले ही हमारे बीच कड़ी प्रतियोगिता थी, फिर भी नरेश और अनीता गोयल के प्रति मेरी सहानुभूति है। उन्होंने ऐसी विमानन कंपनी खड़ी की, जिस पर भारत को गौरव होना चाहिए। दुख की बात है कि इतनी सारी विमानन कंपनियां धूल में मिल गईं। उसने सवाल उठाया कि ऐसा क्यों हुआ।