नई दिल्ली। देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में अब तक का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आने के बाद सरकार जहां मामले की पड़ताल में जुटी है, वहीं संसदीय समिति ने केंद्र से इस पर रिपोर्ट मांगी है। संसदीय समिति ने वित्त मंत्रालय से पीएनबी घोटाले के बारे में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली संसद की वित्त मामलों की समिति की बैठक में गुरुवार को पीएनबी घोटाले का मुद्दा उठा। यह बैठक वित्त मंत्रालय के अलग-अलग विभागों की वित्त वर्ष 2018-19 के संबंध में अनुदान की मांगों को लेकर बुलाई गई थी। जैसे ही वित्तीय सेवा विभाग की अनुदान की मांगों पर चर्चा होने की बारी आई तो पीएनबी घोटाले का मुद्दा उठ गया।

बैठक में मौजूद एक सदस्य ने कहा, समिति के अध्यक्ष ने बैंक में इतने बड़े घोटाले के बारे में सवाल पूछा तो बैठक में मौजूद वित्तीय सेवा विभाग के सचिव राजीव कुमार कोई जवाब नहीं दे पाए। इस पर उन्होंने विभाग को समिति के समक्ष इस मामले में एक रिपोर्ट सौंपने को कहा।

मालूम हो, सरकारी बैंक वित्तीय सेवा विभाग के ही अधीन आते हैं। सूत्रों ने बताया कि विभाग अगले कुछ दिनों में समिति के पास इस मामले की लिखित रिपोर्ट भेजेगा।

सूत्रों ने बताया कि बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे। समिति के सदस्यों ने वित्तीय सेवा विभाग के अधिकारियों से बैंकों के पूंजीकरण कार्यक्रम के बारे में भी सवाल किए। उन्होंने करदाताओं की गाढ़ी कमाई सरकारी बैंकों को देने के सरकारी कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए। समिति की रिपोर्ट बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद में पेश की जाएगी जो पांच मार्च से शुरू हो रहा है।

दूसरे बैंकों को किया आगाह-

देश में अब तक का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आने के बाद पीएनबी ने दूसरे बैंकों को भी ऐसे मामलों के प्रति सावधान रहने के लिए आगाह किया है। उसने इस संबंध में सभी बैंकों को पत्र लिखकर स्पष्ट तरीके से बताया है कि यह मामला किस तरह अंजाम दिया गया।

पीएनबी ने 12 फरवरी को सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को पत्र लिखकर 11,400 करोड़ रुपये के घोटाले मामले की पूरी मोडस ओपरंडी (अंजाम देने का तरीका) समझाया है। पीएनबी ने साफ कहा है कि घोटाले को अंजाम देने वाले व्यक्तियों ने बैंक की मुंबई की एक शाखा में तैनात कर्मचारियों के साथ मिलकर इसको अंजाम दिया।

पीएनबी में निवेशकों के 8,000 करोड़ डूबे-

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की मुंबई-स्थित एक शाखा में 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का महाघोटाला सामने आने के बाद बॉम्बे शेयर बाजार (बीएसई) में बैंक के निवेशकों को 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत लग चुकी है। यह रकम बैंक के सालाना मुनाफे का छह गुना से भी ज्यादा है। गुरुवार को भी बीएसई में बैंक के शेयर 12 फीसद टूटे। गौरतलब है कि बुधवार को घोटाले की खबर आने के बाद बैंक के शेयर लगभग 10 फीसद लुढक गए थे।

दूसरी तरफ, इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में आई एक अन्य कंपनी गीतांजलि जेम्स के शेयर भी गुरुवार को 20 फीसद लुढ़क गए। इससे कंपनी के बाजार पूंजीकरण को करीब 140 करोड़ रुपये का झटका लगा।