रेवाड़ी। सामूहिक दुष्कर्म मामले में एक प्रमुख आरोपित निशू को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। निशू 12 सितंबर को हुुए सामूहिक दुष्कर्म कांड में शामिल था।

फिर वह फरार हो गया। निशू के अलावा घटना में सेना का जवान पंकज व मनीष भी आरोपित हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है। उन पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित है। निशू को सोमवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।

तीनों के खिलाफ पीड़िता के परिजनों ने नामजद रिपोर्ट लिखवाई थी। एसआइटी प्रमुख व नूंह की एसपी नाजनीन भसीन ने बताया कि इस घटनाक्रम की जानकारी एक झोलाछाप चिकित्सक संजीव कुमार को थी।

संजीव ने इस जघन्य अपराध की सूचना पुलिस को नहीं दी थी। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे भी सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

एसपी को हटाया, डीजीपी तलब : उधर मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा सरकार ने रविवार को रेवाड़ी के एसपी राजेश दुग्गल को हटा दिया है। रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल चंडीगढ़ पहुंचे और पुलिस महानिदेशक बीएस संधू को तलब कर उन्हें सभी आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी के आदेश दिए। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी बीएस संधू से पूरी रिपोर्ट तलब की है।

पीड़िता की मां ने किया चेक लौटने का एलान : पीड़ित छात्रा की मां ने मां ने रविवार सुबह दो लाख रुपये के उस चेक को लौटाने का एलान कर दिया, जो शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दिया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार को बेटी की आबरू की कीमत लगाने की बजाय दोषियों को फांसी देनी चाहिए। उन्हें केवल इंसाफ चाहिए।

साथ ही नागरिक अस्पताल में बेटी से नहीं मिलने देने व सही उपचार नहीं होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने महिला थाना में धमकाने व शिकायत फेंकने का भी आरोप लगाया है।

घटना के बाद वह सबसे पहले पुलिस अधीक्षक के पास पहुंची थी। उनके नहीं मिलने पर वह महिला थाना में गईं। वहां उनकी शिकायत को फेंक दिया गया और धमकाया गया।