मुंबई। भारतीय उद्योगपति रतन टाटा ने इजरायल की मीडिया में एक दिन पहले बुधवार को आई खबरों को तथ्यात्मक रूप से निराधार और मनगढंत कहा है। गुरुवार को भारतीय उद्योगपति के कार्यालय ने नेतन्याहू के भ्रष्टाचार संबंधी खबरों पर सफाई दी। टाटा संस के पूर्व चेयरमैन ने कहा है कि इजरायली मीडिया ने जिस टाटा प्रोजेक्ट का उल्लेख किया है उसका प्रस्ताव उन्हें 2009 में मिला था। इजरायली प्रतिष्ठान ने फलस्तीन के साथ विस्तृत सीमा शांति पहल के तहत कंसेप्ट प्लान तैयार करने में टाटा संगठन से सहायता मांगी थी। इसके तहत जॉर्डन नदी के किनारे लो वाल्यूम ऑटोमोटिव असेंबली प्लांट लगाया जाना था। इस प्लांट का लक्ष्य फलस्तीन को कौशल पूर्ण रोजगार मुहैया कराना था।

योजना में हैफा को मुक्त व्यापार गलियारा बनाने की परिकल्पना की गई थी। इसका उद्देश्य निर्यात की सुविधा देना और इजरायल में उच्च संचालन खर्च को संतुलित करना था। इजरायली मीडिया ने कहा है कि बातचीत में अर्नन मिचान शामिल थे। जबकि टाटा टीम और इजरायली अधिकारियों के बीच परियोजना पर बातचीत हुई थी। इस बातचीत में मिचान शामिल नहीं थे। रतन टाटा ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परियोजना में मिचान उनके साझीदार नहीं थे।

ऑटोमोबाइल असेंबली प्लांट की विस्तृत योजना टाटा मोटर्स ने तैयार की थी। यह कभी विस्तृत योजना या खर्च के स्तर तक नहीं पहुंच सकी क्योंकि शांति प्रक्रिया ही सिरे नहीं चढ़ सकी। कार परियोजना स्वाभाविक रूप से दम तोड़ गई। एक कांफ्रेंस को संबोधित करने के लिए रतन टाटा एक नवंबर 2017 को तेल अवीव पहुंचे थे। उस समय इजरायली जांचकर्ताओं के आग्रह पर वह उनसे मिले थे और उन्होंने सभी तथ्य उनके सामने रखा था। भारतीय उद्योगपति ने इस बात पर जोर दिया है कि मीडिया में मिचान के साथ साझीदारी और भारी मुनाफा कमाने का दावा पूरी तरह झूठ और मनगढंत है।