नई दिल्ली। सीमा पार से जारी फायरिंग और आतंकी हमलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि रमजान के बाद आतंकियों के सफाए के लिए सेना का ऑपरेशन ऑलआउट फिर शुरू हो सकता है। गृह मंत्रालय की ओर से अभी ईद तक आतंकियों के खिलाफ अभियान पर रोक है, लेकिन आतंकी बाज नहीं आ रहे।

राज्य में ईद की पूर्व संध्या पर श्रीनगर में पत्रकार शुजात बुखारी की गोली मार कर हत्या कर दी गई, जबकि सेना के एक जवान को अगवा करने के बाद मार डाला गया। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती समेत राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ श्रीनगर में सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा की थी। इसके बाद गुरुवार को केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इससे पहले भाजपा के जम्मू-कश्मीर प्रभारी राम माधव ने गृह सचिव राजीव गाबा से भेंट की थी।

पत्थरबाजी घटी, हमले बढ़े

बैठक में केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के प्रमुखों के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, गृह सचिव, आईबी निदेशक और कश्मीर विभाग से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। रमजान के दौरान सैन्य अभियान रोके जाने से हिंसक झड़पों और पत्थरबाजी में जरूर कमी आई, लेकिन आतंकी हमले कम होने की बजाय ज्यादा बढ़ गए। इसलिए अमरनाथ को सुरक्षित बनाने के लिए ईद के बाद आतंकियों पर कार्रवाई की सुरक्षा बलों को छूट रहेगी।

अमरनाथ यात्रा : सुरक्षा चाक-चौबंद

बैठक में राजनाथ सिंह ने अमरनाथ यात्रा को भी हर हालत में पूरी तरह से चाकचौबंद बनाने का निर्देश दिया। इस पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के प्रमुखों को इस सालाना यात्रा के लिए अतिरिक्त बटालियन का बंदोबस्त करने को कहा गया। आईबी निदेशक के राजीव जैन ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकी हमले की अभी तक कोई खुफिया रिपोर्ट नहीं है। लेकिन राजनाथ सिंह का कहना था कि इसके लिए खुफिया रिपोर्ट का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां तैयार रहें।

यात्रा के दौरान ये उपाय होंगे

-अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती

-आपात स्थिति के लिए बंकर निर्माण

-घनी आबादी से दूर नए यात्रा रूट